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20 जून 2011

छत्तीसगढ़ पीएमटीःपरीक्षार्थियों में डॉक्टर-प्रोफेसर के नौनिहाल

मिशन पीएमटी में पर्चा बेचने के मामले में डीबी स्टार की पड़ताल में एक नया खुलासा हुआ है। तखतपुर स्थित अग्रसेन भवन में मिले परीक्षार्थियों ने बताया कि रैकेट का सरगना डॉ. संतोष उर्फ संजय व उसके साथियों ने उनसे अलग-अलग कीमत पर पर्चा देने का सौदा किया था।

यह रकम चार से 18 लाख रुपए तक थी। यहां मिले पीएमटी में बैठने वाले अधिकतर परीक्षार्थी डॉक्टर, प्रोफेसर और सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के नौनिहाल हैं। इनके में से कई परिजन तो साथ आए थे। परीक्षार्थियों और उनके परिजनों ने बताया कि वे किस तरह से झांसे में आए थे।

टीम जब तखतपुर स्थित अग्रसेन भवन पहुंची तो वहां एक कमरे में लड़कियों और महिलाओं को रखा गया था तो लड़कों को दो कमरों में। इसके लिए डॉ. संतोष ने दूसरे के नाम पर भवन और गद्दे व पंखे तक किराए पर लिए थे। इस दौरान परीक्षार्थियों ने बताया कि वे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र से आए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि अब उन्हें न तो बाहर निकलने दिया जा रहा है और न ही घर पर बात करने दी जा रही है। इतना प्रत्येक परीक्षार्थी से सादे कागज में अगूंठा लगवाने के साथ हस्ताक्षर भी करवाए गए।


इस दौरान एक कमरे में मिले छात्रों ने टीम को कागज में अपने नाम, स्थान, पीएमटी पर्चा के लिए संतोष उर्फ संजय द्वारा मांगे गए पैसे की जानकारी दी। कुछ ने यह भी बताया कि उसने उनका सभी सामान जब्त कर लिया है। 

रसूखदारों ने लाखों खर्च कर खरीदे पर्चे

नाम स्थान कितने में हुआ सौदा संतोष द्वारा रखा गया सामान
त्रिभुवन कवर्धा 18 लाख रुपए 12वीं अंकसूची, 1 पेन
आदर्श तिवारी बिलासपुर 12.50 लाख रुपए 10वीं,12वीं मूल अंकसूची
प्रवीण गुप्ता अंबिकापुर 11 लाख रुपए 10वीं,12 वीं मूल अंकसूची
एक मोबाइल, प्रवेश-पत्र
जीतेश पटेल महासमुंद 11 लाख रुपए 10वीं,12 वीं मूल अंकसूची
दो मोबाइल, जाति-निवास 
प्रमाण-पत्र
चित्रेश डड़सेना महासमुंद 11 लाख रुपए 10वीं,12 वीं मूल अंकसूची
एक मोबाइल, जाति-निवास प्रमाण-पत्र(दैनिक भास्कर,रायपुर,20.6.11)

1 टिप्पणी:

  1. ये तो हर जगह होता है पीछे हिमाचल मे हुया था ले3किन किसी पर कोई एक्शन नही होता।

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