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13 जुलाई 2011

लखनऊ विवि के एक और डिग्री कालेज को बीएड की संबद्धता

लखनऊ विविद्यालय की कार्य परिषद के जम्बो एजेण्डा में मंगलवार को फिलहाल पिक-एण्ड चूज कर फैसले लिए गये। कार्य परिषद ने बीएड के एक नये महाविद्यालय को सम्बद्धता देने के साथ निजी क्षेत्र के सभी आस्थायी सम्बद्धता वाले बीएड डिग्री कालेजों को एक वर्ष के लिए सम्बद्धता के विस्तरण को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही नौ संस्थानों में बहु विभागीय व्यवस्था पर अमल करके निदेशक पद को इन विभागों के बीच तीन वर्ष के लिए रोटेशनल कर दिया गया। कार्य परिषद में वित्त समिति की संस्तुतियों को भी मंजूरी दे दी गयी है। इसके तहत आईएमएस में 38 शिक्षकों, निदेशक व प्रोफेसर प्लेसमेंट की नियुक्ति करने का रास्ता साफ हो गया है। कार्य परिषद की बैठक में महेश प्रसाद बीएड महाविद्यालय की जांच रिपोर्ट व बोरा इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट में बीएड कोर्स को लेकर शासन के निर्णय को रखा गया था, लेकिन दोनों महाविद्यालयों को एक वर्ष के लिए अस्थायी सम्बद्धता दे दी गयी है। कार्य परिषद ने बीएड की काउंसलिंग को देखते हुए सम्बद्धता के सभी 20 मामलों पर अपनी मंजूरी दे दी है। कार्य परिषद से निजी क्षेत्र के दुर्गा शिक्षा निकेतन बीएड महाविद्यालय को सम्बद्धता मिलने के बाद 100 सीटों का इजाफा हो गया है। लविवि में कुलपति प्रो. मनोज कुमार मिश्र की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक शुरू हुई। विविद्यालय प्रशासन ने विवादित मुद्दों को छेड़ने के बजाय सहमति का रास्ता निकाला। इसके बाद भी बीएड के महेश प्रसाद डिग्री कालेज की सम्बद्धता विस्तरण के मामले को कार्य परिषद सदस्य ने विरोध किया और करीब आधा घण्टा तक इसी मुद्दे पर बहस होती रही। कार्य परिषद में लविवि द्वितीय परिसर स्थित दो संस्थानों गिरि लाल गुप्ता व डा शंकर दयाल शर्मा इंस्टीट्यूट सहित नौ संस्थानों में बहु विभागीय व्यवस्था पर अमल करके निदेशक पद को रोटेशनल करने का निर्णय हुआ तो कार्य परिषद सदस्य अनिल कुमार सिंह ने आईएमएस के ओएसडी के निदेशक को हटाने की मांग उठायी। इस पर कुलपति ने उन्हें आासन दिया कि आईएमएस में भी रोटेशनल व्यवस्था लागू होगी, लेकिन उन्होंने तिथि निर्धारित करने से मना कर दिया। कार्य परिषद ने आईएमएस में संविदा पर 38 शिक्षकों की तैनाती को भी मंजूरी दे दी है। बोरा इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट की बीएड की सम्बद्धता पर कार्रवाई के शासन के पत्र को तो रखा गया है, लेकिन संस्थान की ओर से हाईकोर्ट के आदेश को कुलसचिव के माध्यम से रखा गया तो उसे भी शैक्षिक सत्र 2011-12 के लिए अस्थायी सम्बद्धता का विस्तार मिल गया। कार्य परिषद ने बीएड के निजी क्षेत्र के सभी महाविद्यालयों को एक वर्ष के लिए विस्तार कर दिया है। कार्य परिषद ने जन्तु विज्ञान विभाग में शिक्षकों की नियुक्तियों व प्रोन्नतियों को भी मंजूरी दे दी है।भाजपा विधायक व कार्य परिषद सदस्य सुरेश तिवारी ने महाविद्यालयों में सीटें बढ़ाने का मामला उठाया तो कुलपति ने आासन दिया है कि सीट बढ़ोतरी के सभी आवेदनों पर सकारात्मक होकर फैसला होगा। कार्य परिषद में एक बार फिर विवादित मामलों कर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका और कुछ एजेण्डा ही रखा जा सका। कालेज डेवलपमेंट काउंसिल बनाने, कर्मचारियों की नियुक्तियों को खत्म करने, शिक्षकों के दो मामलों पर कोई राहत देने के बावत फैसले नहीं लिए जा सके हैं और चार घण्टे बाद कार्य परिषद अध्यक्ष कुलपति प्रो. मिश्र ने बैठक को बीच में ही स्थगित कर दिया। विविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. एसके द्विवेदी ने बताया कि एजेण्डा बड़ा होने के कारण सिर्फ जरूरी मामलों को ही निपटाया जा सका है और कार्रवाई स्थगित कर दी गयी है। कार्य परिषद की अगली बैठक भी जल्द बुलायी जा सकती है(राष्ट्रीय सहारा,लखनऊ,13.7.11)।

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