मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

15 जुलाई 2011

देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में लागू होगा पायलट प्रोजेक्ट

केंद्रीय विद्यालय संगठन देश में अपने सभी स्कूलों में टीचरों एवं छात्रों के हित के लिए नया प्रोजेक्ट अगले शैक्षणिक सत्र से लागू करने जा रहा है जिसमें कम समय में ज्यादा पढ़ाने की क्षमता होगी। यह प्रोजेक्ट होगा सतत बहुपाठ्यक्रम समीक्षा जिसे आज चंडीगढ़ एवं लखनऊ में औपचारिक रूप से शुरू किया।
इस प्रोजेक्ट को आज केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त अविनाश दीक्षित ने यहां लांच किया। उन्होंने बताया कि केवी के सभी स्कूलों के टीचरों के सहयोग से इसे शुरू किया है और इससे हर विषय को रुचिपूर्ण बनाने के लिए टीचर अपने विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिलेगा।
इस आटोमेशन साफ्टवेयर एवं इलेक्ट्रानिक कंपरीहेंशिप टीचिंग लर्निंग टूल की मदद से टीचरों को दिए गए अपने विषय के पाठ को छात्रों को सरल विधि से पढ़ाने की तकनीक से तैयार कर इसमें डालेगा, जिसे केवी के देशभर के संबंधित विषय के टीचर इस बारे अपने विचार रखेंगे कि जिन प्रश्रों को हल किया गया है क्या वह ठीक हैं या इसे किसी दूसरी विधि से भी हल किया जा सकता है। ऐसे टीचर अपने विचार लिखेंगे और अंत में सभी के विचारों में सबसे बेहतर होने पर इसे मुख्य पृष्ठï पर डाला जाएगा।
इस प्रकार सभी विषयों के पाठ तैयार किए जाएंगे। दीक्षित ने बताया कि ऐसा करने से टीचरों में विचारों को आदान-प्रदान करने का मौका मिलेगा और छात्रों को पढ़ाने के लिए एक समान विधि का प्रयोग होगा। इसके अलावा इससे बच्चे की अध्ययन करने की क्षमता और उनकी कमियों का आकलन कर टीचर उसे हल करने का प्रयास कर सकता है। उन्होंने बताया कि इसे देश के सभी केवी विद्यालयों में नये शैक्षणिक सत्र से लागू कर दिया जाएगा।

दीक्षित ने बताया कि केवी में टीचरों की नियुक्ति करते समय किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाता जिस कारण इन विद्यालयों का परिणाम आज दूसरे स्कूलों से बेहतर आता है। उन्होंने बताया कि यहां चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश के 68 स्कूलों के प्रिंसीपलों की तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन करने का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने पर विचार-विमर्श करना, शिक्षकों को नई तकनीक अपनाने के बारे में जानकारी देना है।
इस सम्मेलन में प्रिंसिपलों को बताया गया कि किस प्रकार वह इस नए प्रोजेक्ट में टीचरों को अपने टीचिंग के विषय के बारे में काम करना है। कैसे बच्चों का चहुंमुखी विकास किया जाए पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर केवी के चंडीगढ़ रीजन के सहायक आयुक्त एमएस चौहान ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का चंडीगढ़ व लखनऊ में प्रयोग किया जा रहा है लेकिन आज इसकी औपचारिक घोषणा की गई है। इस सीसीई साफ्टवेयर को केवी के चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा के टीचरों के सहयोग से तैयार किया गया है। इस साफ्टवेयर से छात्र का व्यवहार, खेलकूद में संलिप्तता, शैक्षणिक गतिविधियों में क्या उपलब्ध्यिां प्राप्त की, क्या नहीं के बारे में टीचर समय-समय पर समीक्षा कर इसे इस साफ्टवेयर में डालेंगे।
उन्होंने बताया कि इससे बच्चो को स्वयं की कमियों को दूर करने का मौका मिलेगा। इस साफ्टवेयर को बच्चों के अभिभावक भी घर में बैठकर इस बात की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे कि आज स्कूल में बच्चे को क्या पढ़ाया गया। एक क्लिक से बच्चा भी घर में बैठ कर संबंधित विषय के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है। वहीं स्कूल के प्रिंसीपलों को प्रत्येक कक्षा में जाकर यह देखने की जरूरत नहीं होगी कि कौन-सी टीचर कैसे पढ़ा रही है क्योंकि प्रिंसीपल अपने कक्ष में बैठ कर इसे देख सकते हैं और अपने विचार लिखकर उन्हें सूचित कर सकते हैं(दैनिक ट्रिब्यून,चंडीगढ़,15.7.11)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।