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23 जुलाई 2011

हिमाचल में नहीं खुलेंगे नए बीएड कॉलेज

प्रदेश में अब आने वाले समय में नए बीएड कॉलेज नहीं खुलेंगे। यह निर्णय जरूरत से अधिक बीएड कॉलेज खुल जाने के बाद लिया गया है। आवश्यकता से अधिक कॉलेज खुलने से प्रदेश में बीएड करने वालों की संख्या तो बढ़ गई है, लेकिन उस हिसाब से प्रशिक्षितों को रोजगार नहीं मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने एनसीटीई को पत्र लिखकर मांग की है कि नए कॉलेजों को न खोला जाए। एनसीटीई ही बीएड कॉलेजों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद अनुमति देती है।

राज्य में पिछले कुछ वर्षो से भारी संख्या में बीएड कॉलेज खुले हैं। वर्तमान में यह संख्या 72 है। इसके बावजूद भी कई लोग एवं संस्थाएं बीएड कॉलेज खोलने में रुचि दिखा रही है, लेकिन सरकार इसकी पक्षधर नहीं है। प्रदेश में बीएड कर चुके बेरोजगारों की संख्या करीब 50 हजार है।


आर्ट्स में 1985-86, मेडिकल में 1995-96 और नॉन मेडिकल में अभी 1993-94 के बीएड प्रशिक्षितों को नौकरी का इंतजार है। सूबे में पिछले साढ़े तीन वर्षो में करीब 4568 युवाओं को ही नौकरी मिल पाई है। प्रदेश में सालाना 10 हजार युवा बीएड कर निकल रहे हैं, जिसे देखते हुए सरकार भी परेशान है। 
प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ. श्रीकांत बाल्दी का कहना है कि सरकार ने एनसीटीई को एक पत्र लिखा है। इसमें नए बीएड कॉलेज खोलने की अनुमति न देने का आग्रह किया गया है। प्रदेश में इस समय कॉलेजों की संख्या अधिक है। ऐसे में अधिक कॉलेज खुलना सही नहीं है। वर्तमान में चल रहे बीएड कॉलेजों में बेहतर सुविधाएं छात्रों को मिले, इस तरफ सरकार का ध्यान केंद्रित है(कुलदीप शर्मा,दैनिक भास्कर,शिमला,23.7.11)।

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