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05 अगस्त 2011

बिहारःराज्यकर्मियों को मकान के लिए मिलेंगे 30 लाख

वैसे राज्यकर्मी, जिनका अपना मकान बनाने का सपना अब तक पूरी नहीं हो सका है उनके लिए खुशखबरी। उन्हें मकान बनाने के लिए अब सस्ती ब्याज दर पर 30 लाख रुपये तक के ऋण मिलेंगे। बृहस्पतिवार को सचिवालय के संवाद सभा भवन में इस योजना को लेकर राज्य सरकार और सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बीच करार हुआ। सेन्ट्रल बैंक द्वारा राज्यकर्मियों को गृह निर्माण के लिए जो ऋण दिया जायेगा वह वेस रेट पर है और यह सबसे कम ब्याज दर पर सुलभ होगा। बैंक ने इस योजना के तहत 39 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किये हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बैंकों से अपील की कि कल्याणकारी योजनाओं में वे पूरी तरह से सहयोग करें, तभी भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने गृह निर्माण के लिए राज्यकर्मियों को ऋण देने की जो व्यवस्था की है, वह काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गृह निर्माण के लिए राज्यकर्मियों को अब तक साढ़े सात लाख रुपये तक के ही ऋण सुलभ कराने की योजना है, जो इस महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है, लेकिन नई योजना के तहत राज्यकर्मी गृह निर्माण के लिए 30 लाख रुपये तक का ऋण बैंक से ले सकेंगे और उनके तनख्वाह से हर महीने बराबर किस्तों में राशि कटेगी। उन्होंने कहा कि बैंकों के माध्यम से सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए बैंकों के सहयोग से हम ऐसी व्यवस्था चाहते हैं, जिससे सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बैंकों के माध्यम से पोशाक और साइकिल योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं को देना चाहती थी, किन्तु इन योजनाओं के कार्यान्वयन में बैंकों का उत्साहपूर्ण सहयोग नहीं मिला। इसी कारण लाभार्थियों को सीधे नगद राशि देने की व्यवस्था की गयी। उन्होंने कहा कि ऐसा इंतजाम हो जिससे छात्रवृत्ति की राशि भी सीधे बैंक खाते में जमा हो और छात्र एटीएम से अपनी छात्रवृत्ति की राशि निकाल सकें। मुख्यमंत्री ने अन्य बैंकों से भी विकास की अन्य दूसरी योजनाओं के कार्यान्वयन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के लोगों को भी बैंक सहयोग दे। किसान, बुनकर, गरीबी रेखा के नीचे के लोगों का भी अपना घर बने। इसके लिए बैंक सोंचे और योजना बनाये। सरकार भी इसमें सहयोग करेगी(राष्ट्रीय सहारा,पटना,5.8.11)।

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