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12 अगस्त 2011

राजस्थानःअब पीजी में नहीं आएगी सप्लीमेंट्री

इस वर्ष से स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों में छात्रों को सप्लीमेंट्री नहीं दी जाएगी। न ही वह किसी पेपर को ड्यू रख पाएंगे। नए बदलावों के अनुसार अब छात्रों को डिविजन भी नहीं मिला करेगा। इसकी जगह ग्रेड पाइंट्स दिए जाएंगे। सेमेस्टर प्रणाली के कारण अब छात्रों का डिविजन नहीं बताया जाएगा। ग्रेडिंग प्रणाली पूरी तरह से विदेशी यूनिवर्सिटीज की तरह ही होगी। गौरतलब है कि इस क्रेडिट प्रणाली के लिए यूजीसी ने भी राजस्थान यूनिवर्सिटी को दिशा-निर्देश दिए थे।


इस प्रणाली का फायदा यह होगा कि अब छात्रों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार हो सकेगा। साथ ही छात्रों पर से अंकों का दबाव हटेगा। क्रेडिट्स की इस मेरिट में सबसे ऊपर स्थान पाने वाले छात्रों को ‘आउट स्टेंडिंग’ माना जाएगा। इस श्रेणी में वह छात्र होंगे जिन्होंने 75 से 100 प्रतिशत के बीच अंक हासिल किए हैं।
नई प्रणाली में केवल अंकों के आधार पर ग्रेडिंग नहीं दी जाएगी। इसमें छात्र के अन्य मूल्यांकन भी शामिल होंगे। सेमेस्टर परीक्षा में उन छात्रों को पास नहीं माना जाएगा जिनके ग्रेडिंग पॉइंट जीरो होंगे। जीरो ग्रेडिंग उन्हें मिलेगी जिनके प्रतिशत अंक जीरो से 24 प्रतिशत के बीच होंगे। ऐसे छात्र न तो सप्लीमेंट्री होंगे और न ही उस पेपर को ड्यू रखकर अगले वर्ष देने का विकल्प चुन सकेंगे। ऐसे छात्रों को उसी सेमेस्टर में री-रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 

ऐसे होगी ग्रेडिंग 

ग्रेडिंग पॉइंट ग्रेड प्रतिशत 
आउट स्टेंडिंग 6 ओ 75 से 100 
वेरी गुड 5 ए 65 से 74 
गुड 4 बी 55 से 64 
एवरेज 3 सी 45 से 54 
एवरेज से कम 2 डी 33 से 44 
पुअर 1 ई 25 से 32 
फेल 0 एफ 0 से 24(विजय खंडेलवाल,दैनिक भास्कर,जयपुर,12.8.11)

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