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05 अगस्त 2011

यूपी में बीएड दाखिलाःजीरो फीस वालों को एक मौका और

बीएड की पहले चरण की काउंसलिंग में हिस्सा लेने के बाद फीस न जमा करने वाले छात्र-छात्राओं की सीट रद कर उसे दूसरी काउंसलिंग में शामिल कर लिया गया है। इनकी संख्या करीब 45 सौ के पार है। इसके साथ ही जीरो फीस में दाखिला पाने वाले अनुसूचित जाति के सात सौ छात्रों को सीट कन्फम्रेशन रसीद कटवाने की मोहलत दी गयी है। रुहेलखण्ड विविद्यालय के कुलपति और शासन के बीच ही इन छात्रों के भविष्य को लेकर फैसला होगा। फीस की वजह से सीट गंवाने वाले छात्रों को पांच-पांच हजार के पूल में शामिल किया जाएगा, या नहीं यह फैसला भी कुलपति पर छोड़ दिया गया है। रुहेलखण्ड विविद्यालय के कुलसचिव बालकृष्ण पाण्डेय ने बताया कि अनुसूचित जाति के छात्र तो गफलत में थे कि उन्हें कोई फीस जमा नहीं करनी है , लिहाजा आगे की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें मौका दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति के छात्रों को प्रदेश के राजकीय व सहायता प्राप्त डिग्री कालेजों में प्रवेश मिला है। काउंसलिंग में शामिल होने के लिए के लिए इन छात्रों को 5000 रुपये का ड्राफ्ट देना था, तो अब उन्हें ऋणात्मक शुल्क की रसीद कटवानी पड़ेगी। इन छात्रों को तो रुहेलखण्ड विविद्यालय मौका देगा, लेकिन 4500 छात्रों की दावेदारी निरस्त कर दी गयी है। विविद्यालय के कुलसचिव बीके पाण्डेय का कहना है कि 15 जुलाई को काउंसलिंग कराने के बाद दो अगस्त तक फीस जमा नहीं करने का मतलब साफ है, कि उन्हें दाखिला लेने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें आवंटित कालेज के हक में 46250 रुपये की फीस जमा करनी थी। इन सभी छात्रों ने फीस नहीं जमा की है, तो उनके प्रवेश निरस्त किये गये हैं। इनका सीट कन्फर्म कराने से कोई मतलब नहीं है। इन लोगों को अब काउंसलिंग खत्म होने के बाद पूल बनाने वाली सूची में शामिल किया जाए, इसका भी अंतिम निर्णय शासन से निर्देश लेकर कुलपति के स्तर पर किया जाएगा। दाखिला निरस्त होने वालों में कई रसूखदार लोगों के आश्रित भी शामिल हैं(राष्ट्रीय सहारा,लखनऊ,5.8.11)।

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