मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

27 अगस्त 2011

यूपीःशिक्षामित्रों की याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

शिक्षा मित्रों की दूरस्थ शिक्षा के तहत हो रही ट्रेनिंग में स्नातक शिक्षा मित्रों के साथ इंटरमीडिएट योग्यता रखने वाले शिक्षा मित्रों को भी शामिल किए जाने की मांग वाली याचिका पर उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 6 सितम्बर को नियत की है। न्यायमूर्ति श्री नारायण शुक्ल की एकल पीठ ने यह आदेश याची अनीता वर्मा की ओर से अधिवक्ता आलोक मिश्र द्वारा दायर याचिका पर दिए हैं। विदित हो कि दूरस्थ शिक्षा विधि के अन्तर्गत डिप्लोमा इन एलिमेन्ट्री एजूकेशन के तहत दो वर्ष की ट्रेनिंग स्नातक योग्यता रखने वाले शिक्षा मित्रों को दिए जाने का शासनादेश 11 जुलाई 2011 को सरकार ने जारी किया। इसके लिए 18 जुलाई 2011 को विज्ञापन जारी किया गया। याचिका प्रस्तुत कर याची ने शासनादेश को चुनौती देते हुए कहा है कि एनसीटीई रेगुलेशन के अनुसार इंटरमीडिएट की योग्यता वालेशिक्षा मित्र भी ट्रेनिंग के लिए अर्ह हैं। याची ने कहा है कि शासनादेश विधि विरुद्ध है। इसे निरस्त किया जाए तथा स्नातक की योग्यता वाले शिक्षा मित्रों के साथ-साथ इंटरमीडिएट की योग्यता वाले शिक्षा मित्रों को भी ट्रेनिंग में शामिल किया जाए(राष्ट्रीय सहारा,लखनऊ,27.8.11)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।