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27 अगस्त 2011

आईआईटी से आईआईएम तक छात्राओं को राहत

मैनेजमेंट की पढ़ाई हो या फिर इंजीनियरिंग की वर्ष 2012 सत्र में आईआईएम व आईआईटी में दाखिले के लिए जाने वाली छात्राओं को अब छात्रों के मुकाबले बड़ी राहत मिलने जा रही है। आईआईटी ने जहां आगामी 8 अप्रैल 2012 को आयोजित होने वाले आईआईटी ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम के लिए छात्राओं से आवेदन शुल्क न वसूलने का फैसला किया है, वहीं आईआईएम लखनऊ, रोहतक व रॉयपुर ने छात्राओं को अंकों के मोर्च पर बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है।

दिल्ली आईआईटी के निदेशक प्रो. सरेन्द्र प्रसाद व कानपुर आईआईटी के निदेशक प्रो. संजय गोविंद धांडे ने बताया कि इस बार प्रवेश परीक्षा में पेंसिल की बजाए बॉल पेन का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा, ओबीसी कोटे को लागू किए जाने के मुद्दे पर उनका कहना था कि इस दिशा में प्रयास जारी है, लेकिन अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो यहां ओबीसी उम्मीदवारों की मौजूदगी को लेकर कोई परेशानी नहीं है। आगामी 8 अप्रैल, 2012 को आयोजित की जा रही आईआईटी की प्रवेश परीक्षा के लिए इस बार आवेदक ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए लगभग 16 से 18 सौ का भुगतान करना होगा। हालांकि, छात्राओं से आवेदन शुल्क नहीं वसूला जाएगा। आईआईएम ने भी अपने यहां छात्राओं को अंकों के मोर्चे पर राहत दी है। आईआईएम लखनऊ ने जहां उन्हें पांच अंकों की राहत दी है, वहीं आईआईएम रोहतक ने 20 अंकों की छूट देने का निर्णय किया है। इसी कड़ी में आईआईएम रायपुर ने अपने यहां छात्राओं को 30 अंकों की राहत देने का निर्णय किया है। उदाहरण के तौर यदि आईआईएम लखनऊ में दाखिले के लिए पहुंची छात्रा को प्रवेश परीक्षा में 20 अंक मिले तो उन्हें 25 अंकों के बराबर माना जाएगा(दैनिक भास्कर,दिल्ली,27.8.11)।

1 टिप्पणी:

  1. अब कन्या होना अभिशाप नहीं हैं अच्छा प्रयास ......

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