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22 सितंबर 2011

हिमाचल एसआईडीसी में झमेला: 60 में रिटायरमेंट लें या फिर 58 में

प्रदेश सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा 58 साल है जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एसआईडीसी (राज्य औद्योगिक विकास निगम) में सेवानिवृत्ति को लेकर दोहरे मापदंड चल रहे हैं।

वर्ष 1989 से पहले नियुक्त हुए 37 बड़े ओहदेदार 60 साल की आयु में सेवानिवृत होंगे। इसके बाद नौकरी में आए 157 कर्मचारियों को 58 साल में ही सेवानिवृत होकर घर जाना पड़ेगा। दोहरी सेवानिवृत्ति शर्तो के मामले को लेकर निगम के कर्मचारी गुस्साए हुए हैं। शनिवार को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की प्रस्तावित बैठक को इस सिलसिले में अहम माना जा रहा है। 22 साल पहले लिया गया निर्णय आज निगम प्रशासन के अतिरिक्त सरकार के गले की फांस बन गया है।

नियुक्ति में एक नियम का प्रावधान


राज्य सरकारी सेवा में सेवानिवृत्त आयु सीमा 58 साल है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए भी सेवानिवृत्ति के मापदंड समान है। 60 साल की सेवानिवृत्ति आयु सीमा आईएएस, आईपीएस व आईएफएस के लिए है जोकि केंद्र से ताल्लुक रखते हैं। 

मुख्यमंत्री के पास भी गया था मामला 

सेवानिवृत्ति में दोहरे मापदंड होने का मामला मई 2010 में मुख्यमंत्री के पास पहुंचा था। निगम कर्मचारियों ने ये मामला उद्योग मंत्री के समक्ष भी रखा था। वित्त विभाग सहित सरकार के सभी निगम प्रबंधनों से सेवानिवृत्ति आयु सीमा 60 साल करने का आग्रह किया गया। 

हमारी भी 60 साल कर दो 

राज्य औद्योगिक विकास निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार व महासचिव एस आर कलोटी ने कहा कि हमारी आयु सीमा भी 60 साल की जाए। निगम में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। बोर्ड को इस बार निर्णय लेना पड़ेगा कि सेवानिवृत्ति आयु सीमा क्या रहेगी। 

बोर्ड के बाद सरकार को जाएगा मामला 

निगम के प्रबंध निदेशक केके पंत ने माना कि निगम में दो तरह के कर्मचारी काम कर रहे हैं। कुछेक 60 साल में और बाकी 58 साल में सेवानिवृत्त होंगे। पहले ये मामला बोर्ड की बैठक के बाद सरकार को जाएगा।

क्या है झमेला 

= 1989 में लगे 37 कर्मचारी 60 साल में होंगे सेवानिवृत्त 
= इसके बाद नौकरी में आए 157 कर्मचारी 58 साल में सेवानिवृत्त होंगे 
= 58 साल के फेर में अधिकांश वेलदार हैं फंसे(दैनिक भास्कर,शिमला,22.9.11)

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