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12 दिसंबर 2011

बीई, मैनेजमेंट व अन्य टेक्निकल कॉलेजों की जानकारी ऑनलाईन करने का निर्णय

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने बीई, मैनेजमेंट व अन्य टेक्निकल कोर्सेस संचालित कर रहे कॉलेजों की सारी जानकारी अपनी वेबसाइट पर डालने का निर्णय लिया है।

इससे छात्रों के पास शैक्षणिक सत्र 2012-13 में प्रवेश लेने से पहले संबंधित कॉलेज में उपलब्ध फैकल्टी, रिसर्च सुविधा, लाइब्रेरी, प्लेसमेंट व अन्य जानकारी सामने रहेगी। साथ ही काउंसिल द्वारा कॉलेजों से मांगे जा रहे ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है।


इसके अनुसार आवेदन में फैकल्टी, जमीन की आवश्यकता या अन्य किसी मानक में कमी होने पर कॉलेज का आवेदन स्वीकार ही नहीं होगा। इसलिए कॉलेज संचालकों को भी अनिवार्य हो गया है कि उन्हें कॉलेज की मान्यता लेने के लिए कमियां दूर करनी ही होगी। कॉलेज संचालकों को 31 दिसंबर तक आवेदन ऑनलाइन भरने के साथ ही हार्डकॉपी में भी काउंसिल के दिल्ली स्थित ऑफिस में आवेदन पहुंचाना है। 

गुणवत्ता के लिए है यह सब-24 नवंबर को भोपाल में नए सॉफ्टेवयर की जानकारी के लिए वर्कशॉप हुई थी। इसमें एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. एसएस मंथा ने कहा था यह गुणवत्ता व पारदर्शिता के लिए किया जा रहा है।

इससे एक सिस्टम काम करेगा और कोई शिकायत नहीं रहेगी। आईपीएस एकेडमी के मैनेजमेंट कोर्स के डायरेक्टर डॉ. विवेक कुशवाहा ने कहा काउंसिल के इस कदम से गुणवत्ता पर काफी नियंत्रण होगा। छात्रों के पास प्रवेश से पहले सारी जानकारी होने से वह कॉलेज का चयन सोचकर करेंगे। मैनेजमेंट के वरिष्ठ प्रोफेसर पीके गुप्ता ने कहा नए बदलाव से कॉलेजों के पास अब गुणवत्ता प्रबंधन के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है।

एआईसीटीई ने यह किए बदलाव

- छात्रों को कॉलेज में फैकल्टी की गुणवत्ता व संख्या, कॉलेज का पूरा नक्शा व अन्य सभी जानकारी मिल जाएगी

- कॉलेज में फैकल्टी को मिल रहे वेतन व अन्य सुविधाओं के आधार पर ही काउंसिल कॉलेजों को फीस व सीट बढ़ाने की मंजूरी देगी

- गत वर्ष काउंसिल ने ऑनलाइन आवेदन मांगने की शुरुआत की थी लेकिन इनमें कमियां होने पर भी आवेदन मंजूर हो जाते थे 

- फैकल्टी की संख्या व नाम, छात्रों की पूरी जानकारी, जमीन का लेआउट आदि सभी कुछ ऑनलाइन देना है 

- फॉर्म मंजूर नहीं होने पर कॉलेज संचालक के पास दिल्ली ऑफिस जाकर अपनी सफाई देने व काउंसिल को मनाने का एक अंतिम अवसर रहेगा 

- नए परिवर्तन से कॉलेज को भी सामने दिख जाएगा कि उसे फैकल्टी, जमीन या अन्य किस मानक में कमी आ रही है, इसे वह समय रहते दूर कर सकता है।

डिजिटल लाइब्रेरी भी जरूरी 

एआईसीटीई ने सभी कॉलेजों में रिसर्च बढ़ाने के उद्देश्य से डिजिटल लाइब्रेरी भी अनिवार्य कर दी है। कॉलेज संचालक को 31 दिसंबर तक लाइब्रेरी स्थापित कर ई-जनरल्स लेने होंगे(संजय गुप्ता,दैनिक भास्कर,इन्दौर,12.12.11)।

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की जा रही है! आपके ब्लॉग पर अधिक से अधिक पाठक पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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