30 सितंबर 2010

कल्पनाशीलता और सफलता

वॉल्ट डिजनी ने कैलिफोर्निया स्थित ऑरेंज काउंटी में थीम पार्क के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता की गुहार दुनिया से लगाई लेकिन उन्हें कर्ज देने को कोई तैयार नहीं हुआ। सब यह समझ रहे थे कि डिजनी पागल हो गया। सभी मजाक उड़ाते और आश्चर्य प्रकट करते हुए कहते थे, ओह, मिकी माउस। क्या आप मजाक कर रहे हैं? आप इस बात के लिए शर्त लगा सकते हैं कि जब स्टीफन ने आईबीएम छोड़क कर अपना कारोबार शुरू किया था तो कंपनी ने कोई चुनौती महसूस नहीं की थी। स्टीफन ने एप्पल कम्प्यूटर की शुरूआत की थी। उसकी शुरूआत गैराज से की गई थी। रॉस पैरॉट ने बिलियन डॉलर कंपनी की शुरुआत मात्र एक हजार डॉलर रुपये से की थी। रिचर्ड ब्रानसन ने वर्जिन एयरवेज का प्रसार पूरी दुनिया में मात्र दस वषरें के भीतर कर दिखाया। उसने इस काम की शुरुआत मात्र 10 हजार डॉलर से शुरू किया था।

रे क्रॉक कागज का प्याला बेचा करता था। उसने 54 साल की अवस्था में यह निर्णय लिया था कि मैक्डॉनलैंड बंधुओं से हैमबर्गर बेचने के लिए एक स्टैंड खरीद लिया जाए। देखते ही देखते उसने अपनी दुनिया बदल डाली। फ्रेड स्मिथ ने जब फेडरेल एक्सप्रेस नाम से चिट्ठी और सामान एक रात में दुनिया के एक मुल्क से दूसरे मुल्क भेजने की सेवा शुरू की थी, तब उसपर पूरा संसार हंसता था। किसी भी नेता, सेल्समैन, प्रबंधक, एक्जीक्यूटिव या उद्यमी के सामने चीजें साफ होनी चाहिए। उनके सामने नैतिक तौर पर कुछ चीजें साफ होनी बहुत जरूरी है। यह धन नहीं हो सकता है। उम्र भी नहीं हो सकती है।

यह वह भी नहीं हो सकता है, जिसके बारे में हर कोई सोच रहा हो। नेतृत्व की सफलता के लिए चाहे वह खेल, व्यापार या सामान्य जीवन की बात हो, बड़े सपना देखना जरूरी है और उससे ज्यादा जरूरी है कि आप उसे साकार कर सकें। वॉल्ट डिजनी के मुताबिक, अगर आप सपना देख सकते हैं तो निश्चित तौर पर उसे साकार भी कर सकते हैं। आप किसी बिजनेस की शुरुआत करते हैं और उस दुनिया के हिसाब से आपके पास बड़े सपने ना हों। उन सपनों को साकार करने का आपके पास कोई विचार ना हों, उसे अंजाम तक पहुंचाने की कोई चेतना विकसित ना हो, कोई प्रेरक शक्ति ना हों तब सारे सपने अधूरे रह जाते हैं।

आपके सपनों के बुलबुले समय से पहले ही फट पड़ेंगे। महान लोग प्रकृति से ही बहुत कल्पनाशील और स्वप्नजीवी होते हैं। वह लक्ष्यों को पूरा करने में जी-जान लगा देते हैं। वे योजनाओं को पूरा करने के दिशा में ठोस पहलकदमी करते हैं। वे अपने सपनों को लेकर बढ़ते हैं और उसे पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंकते हैं। अंतत: सफलता खुशबू के तौर पर प्रकट होती है। एक बार आपको सफलता मिलने लगे तो आपकी संवाद शैली और जीवनशैली पर फर्क पड़ने लगता है(ए.वुड,बिजनेस भास्कर,4.12.2009)।

1 टिप्पणी:

  1. महान लोग प्रकृति से ही बहुत कल्पनाशील और स्वप्नजीवी होते हैं....
    आप की रचना चोरी हो गयी है ..... यकीन नहीं तो यहाँ देख ले
    http://chorikablog.blogspot.com/2010/09/blog-post_8640.html

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