30 सितंबर 2010

झारखंडःराज्य सेवा के अधिकारी 20 वर्ष में बनेंगे आईएएस

राज्य प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत नहीं होने का गम अब नहीं सताएगा। 20 वर्ष की सेवा पूरा करते-करते अब वे विशेष सचिव बन जाएंगे। उनकी नौकरी की शुरूआत अब बीडीओ/सीओ से न होकर सीधे एसडीओ से होगी। इस बाबत बिहार की ही तर्ज पर झारखंड प्रशासनिक सेवा का पुनर्गठन होगा। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। इंतजार है तो बस मुख्यमंत्री की हरी झंडी का। जानकारी के मुताबिक राज्य में फिलवक्त राज्य प्रशासनिक सेवा के 1296 पद चिह्नित है। इसके विरुद्ध 890 पदों पर अधिकारी आसीन हैं। प्रस्ताव के मुताबिक यह पद घटाकर 650 किया जाना है। ऐसा करने से मूल कोटी, उप सचिव एवं समकक्ष, अपर समाहर्ता एवं समकक्ष कोटी में 391 पद अतिरेक हो जाएंगे। प्रस्ताव में जहां इन पदों के सामंजन में बेहतर तालमेल बनाया गया है, वहीं बीडीओ/सीओ व अन्य संवर्ग के लिए ग्रामीण विकास सेवा व राजस्व सेवा के गठन की परिकल्पना की गई है। गौरतलब है कि राज्य में प्रशासनिक सेवा को प्रीमियर सर्विस का दर्जा देने की कवायद लगभग अंतिम चरण में है। इस निमित गठित विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली वित्त, कार्मिक, राजस्व व ग्रामीण विकास सचिव की समिति ने जहां पूर्व में ही इसके गठन की सहमति दे दी है, वहीं इस पर अग्रेतर सुझाव देने के लिए बनी सेवानिवृत्त संयुक्त सचिव, नयाचार पदाधिकारी व अवर सचिव की उप समिति ने भी अपनी संचिका उपस्थापित कर दी है(विनोद श्रीवास्तव,दैनिक जागरण,रांची,30.9.2010)।

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