छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को अपने नए अवकाश नियम 2010 की घोषणा कर दी। नए नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों को अब रिटायरमेंट पर आठ की बजाए 10 महीनों की छुट्टी का वेतन मिलेगा। पितृत्व अवकाश भी एक की बजाए दो संतानों तक मिलेगा।
राहत पहुंचाने की कोशिश: राज्य विभाजन के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्यप्रदेश द्वारा 1 जनवरी 1977 से लागू सिविल सेवाएं अवकाश नियम अपना लिए थे। अब 33 साल बाद इनमें बदलाव कर करीब सवा दो लाख कर्मचारियों को ज्यादा राहत पहुंचाने की कोशिश की गई है। वित्त एवं योजना विभाग ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि नए नियम 1 अक्टूबर 2010 से लागू माने जाएंगे। इन नियमों में पूर्व में अप्रचलित नियमों के प्रावधानों को शामिल नहीं किया गया है। विशेष बात यह कि नए नियम हिंदी में भी उपलब्ध होंगे। अर्जित अवकाश संचय की अधिकतम सीमा 240 से बढ़ाकर 300 दिन कर दी गई है।
यदि किसी कर्मचारी के खाते में वित्त विभाग के प्रावधानों के तहत एक अक्टूबर 2010 की स्थिति में एक जुलाई 2010 को अग्रिम जमा की गई कुछ अवकाश पृथक से रखे गए हैं तो ये छुट्टियां एक अक्टूबर को अवकाश लेखे में जमा कर दिए जाएंगे। पुराने नियमों में देश के अंदर अधिकतम 120 दिन और विदेशों में 240 दिन तक अर्जित अवकाश मंजूर करने का प्रावधान था। अब नए नियम में दोनों स्थिति में अधिकतम 180 दिन छुट्टी मिलेगी।
पुराने नियमों में अद्र्धवैतनिक अवकाश की पात्रता प्रत्येक पूर्ण वर्ष हेतु 20 दिन तय थी। नए नियम में अर्जित अवकास के समान ही साल में दो बार एक जनवरी और एक जुलाई को 10-10 दिन अग्रिम जमा करने का प्रावधान किया गया है(दैनिक भास्कर,रायपुर,5.10.2010)।
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