उत्तराखंड में तीसरी काउंसिलिंग में डेंटल कालेजों की 37 सीटें खाली रहने से उनमें दाखिले का संकट खड़ा हो गया है। शासन स्तर पर गठित प्रवेश समिति का कार्यकाल खत्म होने से यह समस्या खड़ी हुई है। उधर, दो नर्सिग कालेजों में प्रवेश परीक्षा की तिथि में किए गए बदलाव के लिए अब नर्सिग काउंसिल आफ इंडिया से मंजूरी ली जाएगी। यूपीएमटी की बीते दिनों तीसरी काउंसिलिंग में एमबीबीएस की रिक्त सीटें भर गई हैं, जबकि दो निजी डेंटल कालेजों में 37 सीटें रिक्त हैं। इनमें सीमा डेंटल कालेज में 18 और उत्तरांचल डेंटल कालेज में 19 सीटें शामिल हैं। निजी डेंटल कालेजों में रिक्त पदों पर आगे दाखिले का संकट मंडरा रहा है। निजी कालेजों में प्रवेश को लेकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति का कार्यकाल पूरा हो चुका है। सरकार ने समिति का कार्यकाल में बढ़ोत्तरी नहीं की है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के निर्देशों के अनुसार 30 सितंबर तक दाखिला प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। अब मौजूदा समस्या के समाधान को न्याय महकमे से परामर्श किया जा रहा है। दूसरी ओर, राज्य के दून व नैनीताल स्थित दो सरकारी नर्सिग कालेजों में चार वर्षीय बीएसएसी नर्सिग कोर्स में अब भी 50 फीसदी से ज्यादा सीटें रिक्त हैं। 60 में रिक्त 35 सीटों पर दाखिले को यूपीएमटी की तीसरी काउंसिलिंग में सिर्फ दो अभ्यर्थी मिल सके। अब भी 33 सीटें रिक्त हैं। इसके साथ ही नर्सिग कालेजों में एएनएम और जीएनएम कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा चार सितंबर को प्रस्तावित की गई है। प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान और सड़कें टूटने से आवाजाही बाधित होने की वजह से परीक्षा और उसके बाद काउंसिलिंग की तिथियों में बदलाव किया गया है। एनसीआई के मुताबिक नर्सिग कोर्स में 30 सितंबर तक प्रवेश परीक्षा और दाखिला प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। आपदा के चलते बदले गए इस फैसले पर मुहर के लिए सरकार जल्द एनसीआई के दर पर दस्तक देगी। चिकित्सा शिक्षा अपर सचिव सीएस नपलच्याल ने कहा कि एनसीआई को अनुरोध पत्र भेजा जा रहा है। निजी डेंटल कालेजों में रिक्त सीटों पर न्याय महकमे के परामर्श के बाद फैसला होगा(दैनिक जागरण,देहरादून,1.10.2010)।
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