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04 अक्टूबर 2010

दिल्लीःछात्र को शारीरिक दंड नहीं दे सकते स्कूल

दिल्ली सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून को पूरी तरह लागू करने की क वायद तेज कर दी है। शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं । यह निर्देश सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व पंजीकृत स्कू लों पर लागू होंगे। निदेशालय ने स्कूलों को शिक्षा का अधिकार कानून की धारा 17 की पालना करने को कहा है, जिसमें स्कूल किसी भी छात्र को शरीरिक दंड या मानसिक पीड़ा नहीं पहुं चा सकते। दंड के रूप में छात्र को स्कूल से निकाला भी नहीं जा सकता और न ही बंदी बनाया जा सकता है। निदेशालय के अनुसार, ऐसा करने वाले शिक्षक के खिलाफ सेवा नियम के मुताबिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। निदेशालय ने कहा है कि स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापक ट्यूशन नहीं पढ़ाएंगे और ना ही प्राइवेट टीचिंग करा पाएंगे। निदेशालय ने सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे बच्चों से कैपिटेशन फीस नहीं वसूली जाएगी और न ही एडमिशन के वक्त बच्चों या अभिभावकों की स्क्रीनिंग की जाए। गौरतलब है कि पूर्व में कई मामले ऐसे प्रकाश में आ चुके हैं जिनमें छात्र-छात्राओं को स्कूलों में मारा पीटा तक गया है(हिंदुस्तान,दिल्ली,4.10.2010)।

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