01 अक्टूबर 2010

व्यक्तित्व विकास

व्यक्तित्व विकास के लिए युवा अपने स्तर पर कई प्रयत्न करते हैं। परन्तु,ये प्रयत्न वे तब करते हैं,जब उन्हें नौकरी का ख़्याल आता है या जब ग्रुप डिस्कशन अथवा पीआई की तैयारी करनी हो। अगर वे अपने आप को थोड़ा पहले तैयार करें,तो परिणाम न केवल शानदार होंगे बल्कि उन्हें अपने व्यक्तित्व को संवारने के लिए अतिरिक्त मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी।

जॉब पाना है तो अच्छा व्यक्तित्व होना जरूरी है, यह बात प्रत्येक युवा को बताई जाती है और न भी बताई जाए तो वह अपने मित्रों के माध्यम से यह समझ ही लेता है कि नौकरी पाने से लेकर नौकरी को बनाए रखने के लिए अच्छे व्यक्तित्व का होना जरूरी है। युवा साथी अपने आप ही व्यक्तित्व विकास करने की पहल कर इस दिशा में आगे बढ़ते हैं, पर क्या कभी आपने सोचा कि आपको व्यक्तित्व विकास की जरूरत है, पर कैसे और क्यों? प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व अलग होता है। किसी को अपने कम्युनिकेशन पर ध्यान देने की जरूरत होती है तो किसी को करंट अफेयर्स के मामले में अपडेट होने की जरूरत होती है। दरअसल व्यक्तित्व विकास कई बातों को लेकर बना है और यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। बावजूद इसके व्यक्तित्व विकास को लेकर कुछ ऐसी बातें हैं, जो सामान्य व्यक्ति भी अपनाएँ तो फायदा निश्चित रूप से होगा।

*आपको कई बार यह बोला गया होगा कि अपनी सोच सकारात्मक रखें और शायद सभी दूर यह कहने के बाद इस पर आपने कोई ध्यान नहीं दिया होगा, पर कृपया सकारात्मकता पर सकारात्मक तरीके से ध्यान दें निश्चित रूप से फायदा होगा।

*मुस्कुराएँ और अपनी मुस्कुराहट को दूसरों तक पहुँचने दें । इससे आपके दोस्त भी बढ़ेंगे और मुस्कुराहट आपके व्यक्तित्व को अलग ही रंग देगी।

*रोजाना अखबार जरूर पढ़ें, इससे दुनिया में और आपके आस-पास क्या हो रहा है, इस बात की जानकारी रहेगी।

*खाना खाते समय टेबल मेनर्स का ध्यान रखें।

*अपनी सेहत का ध्यान रखें,अच्छे से ड्रेसअप हों और स्वयं को ऑर्गनाइज्ड करने की कोशिश करें।

*एक कागज पर अपनी खूबियों और कमियों को लिखें और फिर ध्यान दें कि आप अपनी कमियों को कैसे दूर कर सकते हैं।

*कुछ समय अकेले भी गुजारें और स्वयं के बारे में चिंतन करें।

*एक जैसी दिनचर्या न गुजारें, रोजाना कुछ नया करने की कोशिश करें और हो सके तो कुछ लिखना या संगीत सीखना आरंभ करें। सृजनात्मकता व्यक्तित्व को निखारती है।
(नई दुनिया,इन्दौर,1.10.2010)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।