मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं की कापियों की स्क्रूटनी में विलंब से हजारों छात्र परेशान हैं। जैसा कि बताया गया कि इंटर परीक्षा के साढ़े अठारह हजार से ज्यादा परीक्षार्थी स्क्रूटनी कार्य जारी है। ऐसे छात्रों का हाल कुछ यूं है कि स्क्रूटनी कार्य नहीं होने से अब तक रिजल्ट नहीं मिला है। इस वजह से आगे की कक्षाओं में दाखिले से वंचित रह गए हैं।
यहां बता दें कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने स्क्रूटनी कार्य की सुविधा के लिए इस साल इलाहाबाद बैंक के जरिये जिलों में इच्छुक परीक्षार्थियों से आवेदन व शुल्क जमा कराया था। हालांकि इससे परीक्षार्थियों को परेशानी कम जरूर हुई क्योंकि उन्हें आवेदन देने के लिए परीक्षा समिति मुख्यालय में नहीं आना पड़ा था। मगर उन्हें क्या पता था कि आवेदन जमा तो आसानी से हो गया, किंतु स्क्रूटनी व रिजल्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। उच्च माध्यमिक प्रभाग में परीक्षार्थी रंजीत ने बताया कि इलाहाबाद बैंक के माध्यम से जिले में ही स्क्रूटनी के लिए आवेदन व शुल्क जमा किया था। मगर अब तक स्क्रूटनी कार्य शुरू नहीं हुआ है। रिजल्ट का पता लगाने हर महीने आती हूं तो पूछताछ काउंटर पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है।
वहीं दूसरी ओर परीक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. एकेपी यादव ने बताया कि अस्सी फीसदी कापियों की स्क्रूटनी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि विज्ञान संकाय में 9,734, कला संकाय में 7,597 और कामर्स संकाय में 1,241 परीक्षार्थियों के आवेदन स्क्रूटनी के लिए आए हैं। स्क्रूटनी कार्य में विलंब के बारे में उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल से छात्रों को परेशानी हुई है(दैनिक जागरण,पटना,2.10.2010)।
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