05 अक्टूबर 2010

जम्मू-कश्मीरःविवि के मुद्दे पर विपक्ष का वाकआउट

केंद्रीय विश्वविद्यालय और जम्मू संभाग के साथ मतभेद का आरोप लगाते हुए सोमवार को भाजपा,और पैंथर्स पार्टी समेत विपक्ष के विधायकों ने सदन से वाकआउट किया। इस मुद्दे पर वित्तमंत्री अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि विश्वविद्यालय पर केंद्र सरकार ही जानकारी दे सकती है। मैं जानकारी जमा करने का प्रयास करूंगा। इस मुद्दे पर सदन में जम्मू से भेदभाव बंद करो, जम्मू से नाइंसाफी नहीं चलेगी, भेदभाव की सरकार नहीं चलेगी जैसे नारे भी खूब गूंजे। माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने भी नाइंसाफी की बात की और कहा कि बेशक जम्मू से भेदभाव है पर कश्मीर से भी नाइंसाफियों की फेहरिस्त (सूची) लंबी है। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा नेता प्रो. चमन लाल गुप्ता ने जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय का मुद्दा उठाना चाहा। स्पीकर ने उन्हें रोक दिया और कहा कि वह बाद में मौका देंगे। प्रश्नकाल के बाद स्पीकर की अनुमति पर भाजपा नेता ने कहा कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय गतिशील हो चुके हैं। सिर्फ हमारा विश्र्वविद्यालय ही अभी तक निष्कि्रय है। उन्होंने कहा कि माना कि कश्मीर के हालात खराब हैं, इसलिए यहां विवि स्थापना में विलंब हुआ, लेकिन यहां उससे संबंधित अन्य काम तो हो रहे हैं। जम्मू में तो कुछ भी नहीं हो रहा है। सांबा में इसके लिए जमीन ली गई थी, जिसके आगे कुछ भी पता नहीं है। वित्तमंत्री अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि वहं इस विषय में ज्यादा नहीं जानते। इस पर भाजपा के जुगल किशोर भी सीट पर खडे़ होकर कहा कि सरकार को कुछ पता नहीं है। सभी भाजपा विधायक खडे़ होकर शोर मचाने लगे। स्पीकर ने हालात को शांत करते हुए कहा कि ऐसे नहीं होता। वह अभी जानकारी जमा करेंगे और सदन को बताएंगे। पैंथर्स के हर्षदेव सिंह ने कहा कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय बन चुके हैं। स्पीकर ने कहा कि आप सभी शांत होकर बैठिए। इसी सत्र में आपको पूरी जानकारी दी जाएगी। तब तक जुगल किशोर और अश्विनी कुमार शर्मा ने जम्मू के साथ नाइंसाफी नहीं चलेगी की नारेबाजी शुरू कर दी और पैंथर्स विधायकों के अलावा भाजपा सदस्यों ने भी वाकआउट किया। इसके बाद हर्षदेव सिंह ने कहा कि यह जम्मू के साथ भेदभाव नहीं तो और क्या है। कश्मीर की केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए स्टाफ भी नियुक्त हो गए पर जम्मू में अभी तक उपकुलपति का भी पता नहीं है। वित्तमंत्री अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि वहं केंद्र सरकार की तरफ से नहीं बोल सकते। फिर भी वह इस बारे में सारी जानकारी जमा उपलब्ध कराएंगे। खबर ही बनानी है तो वह भी बन गई है। उनकी बात से पैंथर्स विधायक भी संतुष्ट नहीं हुए और वह भी 10:45 बजे वाकआउट कर गए(दैनिक जागरण,श्रीनगर,5.10.2010)।

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