मध्यप्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग ट्राईबल और विभिन्न नगरीय निकायों से संबद्ध स्कूलों को अधिग्रहीत करेगा। प्रदेश के सभी स्कूलों में शासकीय कैलेंडर के समान रूप से क्रियान्वयन के लिए विभाग यह कदम उठा रहा है।
सूत्रों के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न समीक्षा बैठकों के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अक्सर शैक्षिक कैलेंडर के क्रियान्वयन की बात आने पर कह देते हैं कि वह स्कूल तो ट्राइबल विभाग का है। इसी तरह कई बार वे संबंधित नगर पंचायत,नगर पालिका,नगर निगम आदि का स्कूल बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि वह सारे स्कूलों को अपने अधीन करने की कार्रवाई शुरू करेगा। इससे आने वाले समय में शैक्षिक कैलेंडर और छात्रों के हित को देखते हुए अगले सत्र से यह निर्णय लागू किया जा सकता है।
मंत्री भी चाहती हैं: स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस भी चाहती हैं कि अगले सत्र से शैक्षणिक कैलेंडर के सख्ती से पालन करवाने के लिए सारे स्कूलों को विभाग के अधीन करना उचित होगा। हाल ही में प्रशासन अकादमी में हुई एक कार्यशाला के दौरान भी उन्होंने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए थे। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस निर्णय से सहमत बताए गए हैं।
करनी होगा लंबी एक्सरसाइज: जानकारी के अनुसार मंडला,डिंडौरी,उमरिया,अलीराजपुर,झाबुआ,बड़वानी,बैतूल आदि जिलों में संचालित करीब दस हजार स्कूल ट्राइवल विभाग के हैं। वहीं,विभिन्न नगरीय निकायों के अंतर्गत आने वाले ऐसे स्कूलों की संख्या लगभग 200 है।
स्कूलों की भारी संख्या को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग को इस मामले में लंबी एक्सरसाइज करना होगी। इसके बाद ही वह उन्हें अधिग्रहीत कर सकेगा।
ट्राइवल और निकायों से संबद्ध स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग से पूरी तरह संबद्ध किए जाने की प्रक्रिया विचाराधीन है।
अशोक वर्णवाल,आयुक्त लोक शिक्षण(दैनिक भास्कर,भोपाल,1.10.2010)
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