एम्स को विश्व के दस सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाने की प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह की घोषणा के बाद एम्स प्रशासन व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सक्रिय हो गया है। एम्स को विस्तार कर दोगुनी बिस्तरों की संख्या करने की योजना को मूर्तरूप देने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तैयारी में जुट गया है। योजना आयोग ने 11वीं पंचवर्षीय योजना में एम्स के विकास के लिए 1461 करोड़़ रुपये का आवंटन पहले ही कर दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीजों की भीड़ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 1800 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। इन योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि परियोजनाओं को जल्द ही अंतिम रूप देकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस योजना से एम्स में बिस्तरों की संख्या लगभग साढ़े चार हजार हो जाएगी। एम्स में तीन सुपरस्पेशिएलिटी केंद्र जयप्रकाश नारायण ट्रॉमा केंद्र, कार्डियोथोरेसिक व न्यूरो साइंस केंद्र तथा दंत शिक्षा व शोध केंद्र अभी काम कर रहा है। इसके अतिरिक्त 12 सुपरस्पेशिएलिटी केंद्र बनाने के लिए केंद्र सरकार तैयारी कर रही है। निर्माण कार्य हॉस्पिटल सर्विसेज कंसलटेंसी कंपनी करेगी। उम्मीद की जा रही है कि वर्ष 2020 तक एम्स के विस्तार के काम पूरे कर लिए जाएंगे। एम्स के अस्पताल प्रबंधन एवं प्रशासन प्रमुख डॉ.शक्ति गुप्ता का कहना है कि मंत्रालय से आदेश आते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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एक नजर-------
खर्च होंगे कुल 1800 करोड़ रुपये
वर्तमान बिस्तरों की संख्या-2200
बिस्तर विस्तार करने का लक्ष्य-2300
(अमर उजाला,दिल्ली,5.10.2010)
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