जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के करीब सवा सौ विद्यालयों के वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। इन विद्यालयों ने छात्रवृत्ति का मांगपत्र व सूची अब तक कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया है। कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार तत्काल सूची उपलब्ध न कराने वाले विद्यालयों की संख्या शून्य घोषित कर दी जाएगी। साथ ही इन विद्यालयों के प्रधानाचार्य व संबंधित लिपिक का वेतन रोक दिया जाएगा। जिले में छात्रवृत्ति वितरण का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाना था। यह अलग बात है कि निर्धारित तिथि तक जिले को शासन की ओर से फंड भी आवंटित नहीं हो सका था। छात्रवृत्ति के मसले पर चल रही ढिलाई में अब विद्यालय भी शामिल हो गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 अक्टूबर को छात्रों की विद्यालय वार सूची छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। शासन के निर्देशानुसार इस बार यह कार्य मात्र एक बार ही किया जाना है। सूची में संशोधन इस बार नहीं हो सकेगा। इसको देखते हुए सभी विद्यालयों से तत्काल सूची भेजने को कहा गया था। इसके बावजूद अब तक करीब सवा सौ विद्यालयों ने सूची नहीं भेजी है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने तत्काल सूची न भेजने वाले विद्यालयों के वेतन रोकने का निर्देश दिया है(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,3.10.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।