29 सितंबर 2010

बिहारःजल्द बहाल होंगे 1123 लेक्चरर

जल्द ही बिहार में 1123 लेक्चररों की बहाली होगी। राजभवन से स्वीकृति मिलते ही बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों सहित कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए कार्रवाई की जा रही है ताकि छात्र शिक्षकों की कमी की मार नहीं झेलें तथा समय पर उनकी पढ़ायी पूरी हो सके। इस बात की जानकारी मंगलवार को अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रेखा एम दोशित तथा न्यायमूर्ति ज्योति शरण की खंडपीठ को दी। उनका कहना था कि सूबे के विश्वविद्यालयों सहित कालेजों में शिक्षकों की कमी को लेकर दायर लोकहित याचिका पर सरकार काफी गंभीर है तथा अदालती आदेशों के आलोक में सभी विश्वविद्यालयों से अपने यहां रिक्त शिक्षकों की सूची की मांग की गई थी। विश्वविद्यालयों की ओर से पूरा ब्योरा सरकार को प्राप्त हो गया है । एचआरडी विभाग ने ब्यौरे पर मंथन कर 1123 शिक्षकों की क मी की बात क ही है । शिक्षकों की बहाली के बारें मे अपनी पूरी रिपोर्ट चांसलर के यहा भेज दी है । राजभवन एचआरडी विभाग की ओर से प्राप्त रिपोर्ट को देख रहा है तथा समय -समय पर विभाग के अधिकारियों से सलाह भी ले रहा है । राजभवन से रिक्त पदों के बहाली के लिए स्वीकृति मिलते ही बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी। वही चांसलर के वकील शिवेन्द्र कि शोर ने बताया कि राज्य सरकार से प्राप्त दस्तावेज पर राजभवन कार्र वाई क र रही है । उनका कहना था कि सरकार की ओर से भेजी गई दस्तावेज काफी मोटा है इस कारण थोड़ा वक्त लग रहा है । उन्होंने अदालत को बताया कि एक महीने के भीतर राज भवन प्रक्रिया पूरी कर लेगा। उन्होंने मामले पर एक महीने के बाद सुनवाई करने का अनुरोध कि या। अदालत ने श्री किशोर के अनुरोध को मंजूर करते हुए मामले की सुवाई 23 नवम्बर तक के लिए राहत दी। उल्लेखनीय है कि राज्य के विश्वविद्यालय में शिक्षकों की काफी कमी को पूरा कराने के लिए डा. विनय कुमार सिंह ने एक जनहित याचिका दायर की थी(शंभू शरण सिंह,हिंदुस्तान,पटना,29.9.2010)।

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