29 सितंबर 2010

चंडीगढ़ःनिजी स्कूल कर रहे मोटी कमाई

चंडीगढ़ के निजी स्कूल छात्रों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हद से ज्यादा फीस वसूल रहे हैं। यह कहना है यूटी प्रशासन का। आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों को शहर के निजी स्कूलों में १५ प्रतिशत सीटें रिजर्व किए जाने के मामले में पंजाब, हरियाणा और यूटी व अन्य प्रतिवादियों ने चीफ जस्टिस मुकुल मुद्गल और जस्टिस अजय तिवारी की खंडपीठ के समक्ष हलफनामा दायर कर कहा कि रियायती दरों पर जमीन लेने के बावजूद मोटी फीस वसूली जा रही है।

सरकारी स्कूल की एडमिशन फीस जहां १७ रुपये है वहीं निजी स्कूलों में यह एक हजार रुपये से लेकर ६० हजार तक है। सरकारी स्कूल में जहां एक छात्र अपनी एक साल की पढ़ाई १९०३ रुपये में पूरी कर लेता है वहीं निजी स्कूल इसके लिए ३० हजार रुपये से लेकर १.१० लाख रुपये तक वसूल रहे हैं। इस फीस में वार्षिक चार्ज, विकास फंड, मैग्जीन, साइंस, मेडिकल और कंप्यूटर फीस के अलावा गेम्स, वर्कशीट चार्ज शामिल हैं। यहां तक की निजी स्कूल ट्रांसपोर्ट फीस के अलावा बच्चों को किताबें और यूनिफार्म एक तय दुकान से बाजार से अधिक दाम पर खरीदने की सिफारिश कर पैसा कमा रहे हैं। सेक्टर-२६ स्थित स्ट्राबेरी फील्ड स्कूल की फीस सबसे ज्यादा है जिसमें एडमीशन फीस ६० हजार और ट्यूशन फीस ५० हजार रुपये है। ऐसे में कुल फीस एक लाख १० हजार रुपये है(अमर उजाला,चंडीगढ़,29.9.2010)।

1 टिप्पणी:

  1. निजी स्कूलों द्वारा फीस बढाई जा रही है को रोक पाने में सरकारी तंत्र भी नाकारा साबित हो रहे हैं ..

    जवाब देंहटाएं

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।