सीबीएसई के ग्यारहवीं के फर्जी सर्टिफिकेट्स के आधार पर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से बारहवीं कक्षा का असली सर्टिफिकेट बेचने के गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। यह सर्टिफिकेट शिमला, चंडीगढ़, कांगड़ा, दिल्ली के प्रतिष्ठित स्कूलों के नाम से जारी किए गए हैं।
बारहवीं के 10 परीक्षार्थियों के फॉर्मो में संलग्न ग्यारहवीं के सीबीएसई के सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए हैं। इन परीक्षार्थियों ने बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में बतौर प्राइवेट परीक्षार्थी फॉर्म भरे थे। बिना पेपर दिए ही बोर्ड के बारहवीं के असली सर्टिफिकेट हासिल किए गए थे।
बोर्ड में प्रशासन की नाक तले कई वर्षो से यह फर्जीवाड़ा चल रहा था। बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है।
एक और एफआईआर
बोर्ड प्रशासन ने सर्टिफिकेट फर्जीवाड़े में तीसरी एफआईआर भी दर्ज करवाई है। बोर्ड सचिव प्रभात शर्मा की ओर से दर्ज शिकायत में आरोप है कि आठवीं के 29 और जमा दो के 2 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से अनुपस्थित रहने के बावजूद असली सर्टिफिकेट हासिल किए हैं।
पुलिस ने भी मामले में तीसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश शुरू कर दी है। मंगलवार देर शाम तक पुलिस टीमें दबिश देने में जुटी हुई थी(दैनिक भास्कर,धर्मशाला,29.9.2010)।
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