रोज़ी-रोटी का मसला सुलझे,कविता-कहानियां भी तभी सुहाती हैं.........
टिप्पणीःकृपया समाचार-पत्र की क्लिपिंग देखने के लिए उसपर क्लिक करें।(हिंदुस्तान,29.9.2010)
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