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29 सितंबर 2010

आईआईएम कोलकाताःनज़र अब विश्व रैंकिंग पर

भारत में अपनी प्रतिष्ठा साबित करने के बाद अब आई आई एम-कोलकाता की नजर अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल करने की है, जिससे उसे भी वैश्विक बी-स्कू ल रैंकिंग में भाग लेने का मौका मिलेगा। आई आई एम के हरे-भरे कैंपस और अच्छी फैकल्टी ने न सिर्फ भारत के, बल्कि दुनियाभर में से अच्छे छात्र-छात्राओं को अपनी ओर आकर्षित किया है । फिलहाल आई आई एम-सी की नजर एसोसिएशन टू एडवांस कोलिजिएट स्कूल ऑफ बिजनेस से मान्यता हासिल करने की है ।

वैश्विक स्तर पर मिली यह मान्यता आगामी अकादमिक सत्र में और अधिक विदेशी छात्र-छात्राओं को अपनी ओर आकर्षित करेगी। आई आई एम-सी के डीन और प्रोफेसर इन-चार्ज शौगतो रे के अनुसार, संस्थान का लक्ष्य प्रबंधन शिक्षा के सभी क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता के अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विस्तार करना है । पहली बार कोई आई आई एम ऐसा करने जा रहा है । संस्थान अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए क्यों प्रयास कर रहा है , इसे विस्तार से बताते हुए शौगतो कहते हैं कि हमारे लिए इस पूरी कोशिश का मकसद महज आई आई एम-सी की ब्रांड इमेज को सुधारना नहीं है , इससे अंतरराष्ट्रीय साझेदारी करने में मदद मिलेगी और हमारे छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार बाजार में और अधिक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

आई आई एम-सी की द्वितीय वर्ष की छात्रा संयुक्ता के अनुसार, उन्हें आईआईएम बेंगलुरू और आई आई एम-कोलकाता, दोनों से दाखिले के लिए ऑफर मिली थी, पर मैंने कोलकाता को चुना। जिसका कारण था कि यहां वित्त और अर्थशास्त्र विषय की बेहतरीन फैकल्टी। इसलिए, इसके बावजूद कि मैं चेन्नई की रहने वाली थी, मैंने बेंगलुरू की जगह कोलकाता को चुना। आई आई एम-सी का ऐसा ही दूसरा बड़ा आकर्षण इसका सात प्राकृतिक झीलों के साथ बना 135 एकड़ का हरा-भरा कैंपस है जहां स्टूडें ट्स के विभिन्न बैंड्स संगीत आदि विभिन्न गतिविधियों में मशगूल दिखाई दे जाते हैं ।

सभी आई आई एम कैं पस में यह एक ऐसा कैंपस है जहां आप प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर मजा ले सक ते हैं । झील के ऊपर हावड़ा ब्रिज के सुंदर नजारों का आप मजा ले सकते हैं । इतना ही नहीं, कैंपस में प्लेसमेंट के लिए आने वाली कंपनियों का मानना है कि यहां के स्टूडेंट्स में मजबूत नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी लेने की भावना और मूल्यों में आस्था देखने को मिलती है । यहां का पाठ्यक्रम इस तरह डिजाइन किया गया है , जो छात्र-छात्राओं को विजेता बनाना सिखाता है ।

फैक्ट फाइल

मुख्य कोर्सपोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट कोर्स फीस12.50 लाख रुपये
वर्तमान बैच आकार-362
छात्र-छात्रा अनुपात319 पुरुष व 43 महिलाएं
फैकल्टी-छात्र अनुपात1 : 5.5
प्लेसमेंट सत्र वर्ष 2005 में 5 दिन, 2009 में 10 दिन और 2008 में 3.5 दिन
ऑफर की संख्या 310 ऑफर
अधिकतम घरेलू वेतन (वर्ष 2010)-25 लाख औसत घरेलू वेतन (वर्ष 2010): 15.32 लाख रुपये
औसत अंतर्राष्ट्रीय वेतन (2010)-123,450 डॉलर
विदेश में प्लेसमेंट: 19

प्रसिद्ध पूर्व छात्र-
पेप्सिको की चेयरपर्सन और सीईओ इंदिरा नुई,
रेडिफ फ्यूजन के संस्थापक चेयरमैन और सीईओ अजित बालकृष्णन,
मैनेजमेंट गुरु मोहनबीर शाहणे

मुख्य नियोक्ता:
मैकिंसे एंड कंपनी, बोस्टन कं सल्टिंग ग्रुप, बेन एंड कंपनी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, पीएंडजी, टाटा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस

मनोरंजक तत्व:
बड़ा कैंपस, प्राकृतिक सुंदरता
(हिंदुस्तान,पटना,29.9.2010)

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