29 सितंबर 2010

रांची विविःपांच छात्रों का पीएचडी पंजीयन रिजेक्ट

रांची विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी के लिए पंजीकृत पांच छात्रों का रजिस्ट्रेशन अस्वीकृत कर दिया है। इनमें चार छात्रों के गाइड कनफर्म्ड शिक्षक नहीं रहने के कारण व एक अभ्यर्थी का पंजीयन तकनीकी कारण से अस्वीकृत किया गया है। 195 अभ्यर्थियों का पंजीयन जांच के बाद पीएचडी के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई। बुधवार को कुलपति डॉ. एए खान की अध्यक्षता में मानवीकी शोध समिति की बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया।

विभागवार पीएचडी के लिए स्वीकृत अभ्यर्थी : मानवीकी शोध समिति ने हिंदी में 54, अग्रेंजी में 34, संस्कृत में 25, बांग्ला में 25, उड़िया में तीन, उर्दू में सात और दर्शनशास्त्र में 28 छात्रों को पीएचडी के लिए स्वीकृति प्रदान की है। वहीं हिंदी में तीन और अंग्रेजी में एक अभ्यर्थी का पीएचडी पंजीयन अस्वीकृत किया गया है।

ज्योतिर्विज्ञान विभाग को यूजीसी से मान्यता नहीं : शोध समिति ने पीजी ज्योतिर्विज्ञान विभाग के एक भी छात्र को पीएचडी के लिए स्वीकृति प्रदान नहीं की है। इस विभाग को विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) मान्यता प्राप्त नहीं है।

हालांकि विवि प्रशासन ने कहा है कि इस विभाग के छात्र संस्कृत विषय से पीएचडी कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय या कॉलेज के वैसे शिक्षक पीएचडी नहीं करा सकते हैं, जो कनफम्र्ड नहीं हैं। इसके अलावा जिन कॉलेजों को विवि से संबद्धता प्राप्त नहीं है, वहां के शिक्षक भी पीएचडी नहीं करा सकते हैं।

डॉ. वीपी शरण, प्रतिकुलपति रांची विश्वविद्यालय(दैनिक भास्कर,रांची,29.9.2010)

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