30 सितंबर 2010

आंध्र में पांच सौ इंजीनियरिंग कालेजों पर तलवार

आंध्र प्रदेश के 500 इंजीनियरिंग कालेजों पर तलवार लटक रही है। राज्य के उच्च शिक्षा परिषद के सचिव क्रिस्टोफर भी मानते हैं कि प्रदेश के 692 में कम से कम 500 इंजीनियरिंग कालेज ऐसे हैं जो तय मानकों को पूरा नहीं करते। इसलिए इन्हें बंद कर दिया जाना चाहिए। राज्य उच्च शिक्षा परिषद के सचिव क्रिस्टोफर ने कहा कि लोग कुकुरमुत्ते की तरह इंजीनियरिंग कॉलेजों के बढ़ने से खुश हैं लेकिन उन्हें शिक्षा गुणवत्ता में खामी की फिक्र नहीं है। राज्य के गवर्नर ईएसएल नरसिंहम जो कि विश्वविद्यालयों के चांसलर भी हैं, ने तुरंत इस कॉलेजों में मानकों का पता लगाने को एक कमेटी के गठन का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यह कमेटी इस बात को भी देखेगी कि कॉलेज मैनेंजमेंट मानकों को सही तरीके अपना रहा है या नहीं। कॉलेजों में चल रही मनमानी से क्षुब्ध मुख्यमंत्री रोसैया ने भी अपने तेवर तीखे कर दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस विषय में दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेजों से सख्ती के साथ मानकों पर खरा उतरने को कहा जाए। इसी के साथ राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा आयुक्त के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है जो इस बात का पता लगाएगी कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में आधारभूत सुविधाओं को ठीक प्रकार दिया जा रहा है या नहीं(दैनिक जागरण,राष्ट्रीय संस्करण,30.9.2010)।

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