29 सितंबर 2010

मध्यप्रदेशःपदोन्नति में पीछे रह गए टापर, फिसड्डी आगे

थानेदारों की वरिष्ठता सूची बनाने में तय किए मापदंड का पालन नहीं किया जा रहा है। हालात यह हैं कि पदोन्नति में टापर पीछे रह जाते हैं और फिसड्डी आगे निकल रहे हैं। एक दर्जन से अधिक थानेदारों की वरिष्ठता सूची तो जेएनपीए सागर से पुलिस मुख्यालय को भेजी नहीं गई है।

अभी तक प्रदेश में सूबेदार और थानेदार की वरिष्ठता सूची चयन परीक्षा में प्राप्त नंबर के आधार पर तैयार की जाती थी। पुलिस मुख्यालय ने तीन साल पहले जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी सागर को पत्र लिखकर थानेदारों की वरिष्ठता सूची में बदलाव करने को कहा था। यह पत्र एडीजी प्रशासन की ओर से जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि सीधी भर्ती के थानेदारों की वरिष्ठता सूची तैयार करने का आधार चयन परीक्षा में मिले नंबर नहीं होने चाहिए, बल्कि इसका आधार जेएनपीए सागर के बुनियादी प्रशिक्षण के परीक्षा परिणाम में प्राप्त प्राप्तांक की सूची के आधार पर किया जाएगा। प्रशिक्षण में जिन थानेदारों ने अधिक नंबर हासिल किए हैं, वरिष्ठता सूची में उनका नाम पहले आएगा और जिन लोगों को कम अंक हासिल हुए हैं, उनका नाम सूची में नीचे दर्ज किया जाएगा। अभी तक होता यह रहा है कि प्रशिक्षण में अच्छे अंक हासिल करने वाले थानेदार पीछे रहे जाते हैं और कम नंबर पाने वाले अथवा जो परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं, वे वरिष्ठता सूची में आगे आ जाते हैं। इसका पालन करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कई बार पत्र लिखा है, लेकिन सूची अभी तक भेजी नहीं गई है। कई थानेदारों की वरिष्ठता सूची पुलिस मुख्यालय के पास नहीं है। सूत्र बताते हैं कि नए सिरे से वरिष्ठता सूची तैयार करने को लेकर विवाद की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। वजह साफ है कि जिन लोगों का नाम सूची में पहले है, उन्हें सूची में नीचे जाना भी मंजूर नहीं होगा(जागरण,भोपाल,29.9.2010)।

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