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29 सितंबर 2010

पीएफ के बढ़े ब्याज पर नहीं लगेगा टैक्स

पीएफ के बढ़े ब्याज पर टैक्स नहीं लगेगा। यानी भविष्य निधि जमाओं पर 9.5 प्रतिशत की पूरी ब्याज राशि कर मुक्त होगी। माना जा रहा है वित्त मंत्रालय नई अधिसूचना जारी करने पर राजी हो गया है। इससे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन [ईपीएफओ] से जुड़े छह करोड़ अंशधारकों को राहत मिलेगी।

ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने मौजूदा वित्त वर्ष 2010-11 के लिए 9.5 प्रतिशत ब्याज की सिफारिश की है। श्रम मंत्रालय से इसे हरी झंडी भी मिल गई है। लेकिन दिक्कत यह है कि श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में ईपीएफ बोर्ड की बैठक से पहले ही 26 अगस्त को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड [सीबीडीटी] ने 2010-11 के लिए 8.5 प्रतिशत की पीएफ दर को कर मुक्त रखने की अधिसूचना जारी कर दी थी। यह अधिसूचना एक सितंबर से लागू हो गई है। श्रम मंत्री खड़गे ने 15 सितंबर को बढ़े ब्याज की घोषणा की थी। अगर वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में संशोधन नहीं होता है, तो एक प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज राशि पर टैक्स देना होगा। इससे बड़ी संख्या में अंशधारक प्रभावित होंगे।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय 26 अगस्त को जारी अपनी अधिसूचना में शीघ्र ही संशोधन करेगा, ताकि भविष्य निधि जमाओं पर 9.5 प्रतिशत तक की ब्याज राशि को कर छूट दी जा सके। नई अधिसूचना अगले दस दिनों में जारी हो जाएगी। मंत्रालय ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तब आयकर विभाग द्वारा अधिसूचित कर मुक्त पीएफ दर कभी भी ईपीएफ दर से कम नहीं रही है(जागरण,29.9.2010)।

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