अमेरिका का मानना है कि भारत के साथ सी-17 ग्लोबमास्टर विमान के 4.4 अरब डालर के सौदे से अमेरिका में 30,000 नौकरियों का सृजन हो सकता है।
अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विदेश उपमंत्री रॉबर्ट ब्लेक ने कैलिफोर्निया के सैन डिएगो विश्वविद्यालय में 27वें सालाना महात्मा गांधी स्मृति व्याख्यान के दौरान कहा कि भारत और अमेरिका भारतीय वायुसेना के लिए दस सी-17 ग्लोबमास्टर विमान के सौदे के लिए बातचीत को अंतिम रूप दे रहे हैं। इस 4.4 अरब डालर के सौदे में अमेरिका में 30,000 नौकरियां पैदा करने की क्षमता है।
उन्होंने कहा कि इसे अमेरिका सेना का सबसे श्रमतावान विमान माना जाता है। इन परिवहन विमानों से भारत की हवाई क्षमता बढ़ेगी। ब्लेक ने कहा कि भारत वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है और वह 21वीं सदी में अपनी सेना को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से सुसज्जित करना चाहता है। ऐसे में वह हार्डवेयर के लिए अभी तक अपने ऐतिहासिक भागीदार रहे रूप के बजाय अमेरिका और सैन डिएगो की कंपनियों की ओर देख रहा है(हिंदुस्तान लाइव डॉट कॉम,2.10.2010)।
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