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04 अक्टूबर 2010

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्मार्ट-कार्ड योजना

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) ई-गवर्नेस के तहत प्रदेश के सभी 95 हजार स्टूडेंट्स की पहचान और एकेडमिक रिकॉर्ड के लिए स्मार्ट कार्ड बना रहा है। पंजाब और यूनियन बैंक में खाता खुलवा चुके स्टूडेंट्स को इसके लिए आरजीपीवी की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। हर एक स्टूडेंट्स के पास ई- आई कार्ड होगा। इसमें छह साल तक के रिकॉर्ड दर्ज रहेंगे।

फर्जी और चोरी का डर नहीं

ऐसा होने के बाद स्टूडेंट्स को अब डिग्री की प्रतियां दिखाने की जरूरत नहीं होगी। कम्प्यूटर और इंटरनेट की सहायता से दुनिया में कोई भी स्टूडेंट्स की जानकारी स्मार्ट कार्ड से ले सकता है। इस कोशिश से डिग्री चोरी होने और फर्जी डिग्री मामले भी खत्म हो जाएंगे। कॉलेजों को स्टूडेंट्स के लिए आईडी कार्ड बनाने की जरूरत भी खत्म हो जाएगी।

आरजीपीवी हुआ ऑनलाइन

आरजीपीवी इसके पहले परीक्षा और रिवेल्युएशन सहित कई प्रक्रिया ऑनलाइन कर चुका है। सभी स्टूडेंट्स के बैंक अकाउंट खुल जाने से बार-बार केस जमा करने के लिए बैंक के चक्कर से भी निजात मिल गई है। किसी भी एकेडमिक प्रक्रिया में स्टूडेंट्स खुद ऑनलाइन बैंकिंग करके फीस या अन्य राशि जमा कर सकते हैं। आरजीपीवी नोडल सेंटर कोऑर्डिनेटर डॉ. डी.के. जैन ने बताया इससे हजारों स्टूडेंट्स और शहर के सैकड़ों कॉलेज पेपरलेस हो जाएंगे।

रोल नंबर की भी जरूरत नहीं

परीक्षाओं के समय जारी होने वाले रोल नंबर भी खत्म किए जा रहे हैं। स्टूडेंट्स के जो सीरियल नंबर है वही उनका स्थायी रोल नंबर होगा। आरजीपीवी के रजिस्ट्रार एके. दास. भदौरिया और परीक्षा प्रभारी ए.के. सिंह ने बताया बीई में एडमिशन लेने वाले सभी नए स्टूडेंट्स के लिए स्मार्ट कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा।

फिलहाल बीई करने वाले प्रदेश के 95 हजार स्टूडेंट्स पर योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है जल्द ही क्रियान्वित हो जाएगी(दैनिक भास्कर,इन्दौर,4.10.2010)।

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