04 अक्टूबर 2010

विकलांगों के लिए शिक्षक भर्ती में देरी पर दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार

आदेश के बावजूद, राजधानी दिल्ली में हजारों मानसिक व शारीरिक रूप से विकलांग, खासकार दृष्टिहीन बच्चों को शिक्षा मुहै या कराने के लिए स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति नहीं किये जाने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार व स्थानीय निकायों को कड़ी फटकार लगाई है । हाईकोर्ट ने आदेश का पालन नहीं किये जाने को गंभीरता से लेते हुए सरकार, दिल्ली नगर निगम , नई दिल्ली पालिका परिषद व छावनी परिषद को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है । न्यायमूर्ति जी.एस सीसतानी ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव एवं अन्य निकायों के प्रमुखों से यह बताने को कहा है कि आखिर आदेश के बावजूद स्पेशल बच्चों को शिक्षा मुहै या करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति क्यों नहीं की गई है । साथ ही यह भी बताने को कहा है कि आदेश का पालन नहीं करने के लिए क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए। हाईकोर्ट ने सरकार व अन्य स्थानीय निकायों को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है ।

मामले की अगली सुनवाई 10 नवम्बर को होगी। हाईकोर्ट ने यह आदेश अधिवक्ता अशोक अग्रवाल की ओर से दायर अवमानना याचिका पर विचार करते हुए दिया है । उन्होंने कोर्ट को बताया कि आदेश के बावजूद न तो सरकार और न ही किसी अन्य निकायों ने विशेष शिक्षकों की भर्ती की है । दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 दिसम्बर 2009 को 6 महीने के भीतर सरकार व अन्य निकायों को कम से कम 6 हजार विशेष शिक्षकों की नियुक्ति करने का आदेश दिया था(हिंदुस्तान,दिल्ली,4.10.2010)।

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