01 अक्टूबर 2010

डिजाइनिंग में करिअर

रेडीमेड गारमेंट्स का कारोबार प्रतिस्पर्द्धा व प्राइस वार के बीच आगे बढ़ रहा है। इस बढ़ रहे कारोबार में ग्राहक उन्हीं उत्पादों की ज्यादा मांग कर रहे हैं जो दूसरों से अलग व आकर्षक दिखते हैं। ज्यादा आकर्षक व डिजाइन भरपू दिखने वाले कपड़ों की ज्यादा मांग हो रही है। यह मांग महिला व युवा वर्ग में ज्यादा हो रही है जो कि इस इंडस्ट्री के बड़े ग्राहक हैं। असगंठित उद्यमी इसके लिये खुलकर ग्राफिक्स व कार्टून्स का उपयोग कर रहे हैं। जबकि संगठित सेक्टर को भी ग्राफिक्स व कार्टूनस का उपयोग बढ़ाने के लिये इसके अधिकार लेने पड़ रहे हैं।

गारमेंट्स को डिजाइनदार व आकर्षक बनाने के लिये छोटे उद्यमी जहां आउटसोर्सिंग करवा रहे हैं वहीं बड़ी कंपनियां तो अपने डिजाइन हाउस भी स्थापित कर रही हैं। डिजाइन हाउस शुरू करने के लिये एक लाख रुपये न्यूनतम तक का खर्च किया जा रहा है। हालांकि डिजाइनिंग प्रक्रिया में और भी खर्च हैं लेकिन कुछ प्रक्रिया आउटसोर्सिंग के रूप में भी पूरी की जा सकती है। गारमेंट्स उद्यमी एमडी अजीत लाकड़ा के मुताबिक डिजाइन हाउस खोलने के लिये हालांकि सबसे जरुरी ह्यूमन ब्रेन है। इसके बाद एक कंप्यूटर व एक रुम जरुरी है। इसके बाद एंब्रॉयडरी व प्रिंटिंग के लिये आउटसोर्सिंग की जा सकती है। क्योंकि यह सुविधायें छोटे उद्यमी के लिये एक ही जगह उपलब्ध करवाना काफी मुश्किल काम है। मार्केट में उत्पाद आने तक इनके रंग व डिजाइन पूरी तरह गुप्त रखने का प्रयास किया जाता है।

ड्यूक इंडिया के निदेशक कुंतल जैन के मुताबिक डिजाइन व आकर्षक लुक बनाने के लिये ब्रांडेड कंपनियों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। क्योंकि उन्हें बकायदा ग्राफिक्स व काटूर्नस के अधिकार लेने पड़ते हैं। मौजूदा समय में महिलायें व युवाओं की हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा है। इसलिये इन्हें आकर्षित करने के लिये काफी मेहनत करनी पड़ती है। वहीं कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जो अपने डिजाइन हाउस चला रही हैं। डिजाइनरों को 25 से 30 हजार रुपये माह तक का भुगतान किया जाता है।

बंक हाउस के सीईओ सिद्धार्थ उपाध्याय के मुताबिक उनकी कंपनी युवा वर्ग विशेष पर ही कपड़े तैयार कर रही है। उनका ज्यादा ध्यान कपड़ों को ज्यादा डिजाइनदार व आकर्षक बनाने पर ही रहती है। जीन्स की शेप बदलने व डिजाइन बनाने पर काफी मेहनत की जा रही है। किड्स व युवाओं के कपड़ों को बेचने के लिये इनमें डिजाइन व चमक दमक दिखाना जरुरी है। इसलिये डिजाइन टेक्नोलॉजी को हमेशा अपडेट रखना पड़ रहा है। विदेशों में चलने वाले फैशन को सबसे पहले यहां लाना ही फायदे कमाना है।

निवेश - खुद का डिजाइन हाउस स्थापित करने के लिए होती है महज एक-डेढ़ लाख रुपये के निवेश की जरूरत

वेतन - एक अच्छे डिजाइनर को करना होता है प्रति माह तकरीबन 25 हजार से लेकर 30 हजार तक भुगतान

फायदा - बाजार में अच्छी डिजाइनिंग वाले गारमेंट्स की ज्यादा मांग के चलते इनके दाम भी होते हैं काफी ऊंचे
(नरेश बातिश लुधियान,बिजनेस भास्कर,30.9.2010)

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