05 अक्टूबर 2010

यूपीःप्रबंधन संस्थान ने छात्रों से करोड़ों ठगे

नियमित कोर्स के नाम पर छात्रों से करोड़ों ठगने का मामला सामने आया है। छात्रों का आरोप है कि दो साल तक संस्थान नियमित कोर्स के नाम पर पढ़ाई कराता रहा और अब डिग्री बांटी गई है दूरस्थ कोर्स की। नौकरी के लिए डिग्री का प्रयोग किया तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इस मामले में पुलिस ने संस्थान के कैम्पस को-आर्डिनेटर समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। गाजीपुर थाना प्रभारी ने बताया कि छात्रों की ओर से दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। मामले की जांच की जा रही है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर लर्निग इन मैनेजमेंट नाम से इन्दिरा नगर के इंसाफनगर में प्रबंधन संस्थान चल रहा है। पहले यह संस्थान इन्दिरा नगर के बी-ब्लॉक में था। वर्ष 2008 में प्रवेश लेने वाले छात्र सुशांत सिंह ने बताया कि दो साल पहले 80 विद्यार्थियों ने एमबीए में प्रवेश लिया था। प्रत्येक विद्यार्थी से नियमित कोर्स के नाम पर 2 लाख 66 हजार रुपये लिये गए थे। दो साल बाद विद्यार्थियों को सिक्किम के एक संस्थान की डिग्री दी गई है। आरोप है कि डिग्री नियमित कोर्स की न होकर दूरस्थ शिक्षा की है। डिग्री मिलने के बाद ठगा महसूस कर रहे छात्र सोमवार को संस्थान पहुंचे। कैम्पस को-आर्डिनेटर श्रीमन बारी (सुमन्तो) का छात्रों ने घेराव किया। कोई सुनवाई न होने पर छात्रों ने गाजीपुर पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मौके से श्रीमन बारी समेत एक अन्य को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। सुशांत ने बताया कि संस्थान में वर्ष 2008 के बाद 60-60 विद्यार्थियों के दो बैच और चल रहे हैं। इन विद्यार्थियों से 3.6 लाख रुपये (कुल 4.32 करोड़ रुपये) लिए गए हैं। आरोप है कि एमबीए को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से अनुमोदित बताया गया था लेकिन कोर्स एआईसीटीई से अनुमोदित भी नहीं निकला। दो साल में संस्थान में निदेशक के नाम पर पांच लोग बदल चुके हैं। उधर, श्रीमन बारी का कहना है कि कोर्स की फीस 2.66 लाख रुपये ही थी(दैनिक जागरण,लखनऊ,5.10.2010)।

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