04 अक्टूबर 2010

हिमाचलःशिक्षकों को फिर से रोज़गार देने की बनी नीति

हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के अध्ययन में व्यवधान न आए इसके दृष्टिगत शिक्षण सत्र के दौरान सेवानिवृत्त होने जा रहे शिक्षकों को पुनर्रोजगार देने के लिए राज्य में नीति बनाई गई है। इस नीति का उद्देश्य पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान अध्यापकों एवं अन्य अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित बनाना है, ताकि प्रदेश में विद्यार्थियों को निरंतर गुणात्मक शिक्षा प्रदान की जा सके। यह नीति उन सभी नियमित अध्यापकों पर लागू होगी जो पहली से स्नातकोत्तर कक्षाओं तक को पढ़ा रहे हैं।

इस नीति के अंंतर्गत अध्यापकों के अलावा अन्य अधिकारी जैसे- खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, सहायक जिला शारीरिक शिक्षा अधिकारी, उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा उप-निदेशक भी पुनर्रोजगार के पात्र होंगे। इन्हें उन स्थानों पर पुनर्रोजगार दिया जाएगा, जहां वे सेवानिवृत्ति के समय कार्यरत होंगे। लेकिन पुनर्रोजगार प्रदान करने से पहले सेवानिवृत्त होने जा रहे अध्यापकों व अधिकारियों से पूर्व सहमति ली जाएगी।

प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि पुनर्रोजगार केवल चालू शैक्षणिक सत्र के लिए ही दिया जाएगा। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में पुनर्रोजगार ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 31 मार्च तक जबकि शीतकालीन स्कूलों में 31 दिसंबर तक दिया जाएगा। जबकि इस शैक्षणिक सत्र में कॉलेजों और अन्य अधिकारियों को दिए गए पुनर्रोजगार की अवधि 31 मार्च को समाप्त होगी।

नई नीति के अनुसार, जे.बी.टी, हैड टीचर और केंद्र मुख्य अध्यापक को पुनर्रोजगार देने की शक्ति खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को दी गई है, जबकि क्राफ्ट एंड वोकेशनल, टी.जी.टी और स्कूल कैडर के प्राध्यापकों को पुनर्रोजगार के लिए मुख्य अध्यापक अथवा प्रधानाचार्य को आवेदन देना होगा। कॉलेज कैडर के प्राध्यापकों को पुनर्रोजगार देने के लिए संस्थान के प्रभारी अथवा प्रधानाचार्य को अधिकृत किया गया है। मुख्य अध्यापक व स्कूल कैडर के प्रधानाचार्य को पुनर्रोजगार देने के लिए उच्च शिक्षा उप-निदेशक को प्राधिकृत किया गया है। इसी प्रकार, कॉलेज प्रधानाचार्य व उच्च शिक्षा के उप-निदेशक को पुनर्रोजगार के लिए निदेशक, उच्च शिक्षा को आवेदन करना होगा।

प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा के उप-निदेशक कार्यालयों तथा इन दोनों विभागों के निदेशालय में कार्यरत अन्य अधिकारी पुनर्रोजगार के लिए क्रमश: उप-निदेशक उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा तथा निदेशक उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा को आवेदन कर सकते हैं।

राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अप्रैल, 2011 के उपरांत शीतकालीन स्कूलों में पुनर्रोजगार 31 मार्च को समाप्त हो जाएगा। इस नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवकाश के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले अध्यापकों तथा शैक्षणिक सत्र के अंतिम दिन सेवानिवृत्त होने वाले अध्यापकों को पुनर्रोजगार नहीं दिया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने यह निर्णय एक ऐसे समय पर लिया है जब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ कर आम लोगों को लाभान्वित करने की दिशा में प्रयासरत है। इस नीति से न केवल शैक्षणिक कार्य में पडऩे वाले व्यवधान को रोका जा सकेगा बल्कि इससे गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में भी सहायता मिलेगी(दैनिक ट्रिब्यून,शिमला,4.10.2010)।

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