03 अक्टूबर 2010

उत्तराखंड: प्रिंसिपल और शिक्षक दोनों की डिग्री फर्जी

अनुसूचित जनजाति विद्यालय हाईस्कूल बंशीपुर हरबर्टपुर के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापिका की डिग्रियां फर्जी पाए जाने पर कोतवाली पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है। दोनों के खिलाफ सीओ के निर्देश पर जुलाई माह में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस क्षेत्राधिकारी गिरीश चंद बिजल्वाण से इसी विद्यालय की सहायक अध्यापिका माधवी देवी शर्मा ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि प्रधानाध्यापक अशोक कुमार शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा व सहायक अध्यापिका कुसुम शर्मा पत्नी अवनीश कुमार के प्रमाणपत्र व बीएड की डिग्री फर्जी है। उन्होंने फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी लेकर सरकारी ग्रांट लेने का आरोप भी लगाया था। सीओ द्वारा कराई गई जांच में पता चला कि अशोक कुमार शर्मा ने वर्ष 1991 की बीएड की डिग्री वाराणसी संस्कृत विश्वविद्यालय की लगा रखी है, जबकि इस संस्कृत विवि का नाम वर्ष 1973 में डॉ. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय हो गया था। सहायक अध्यापिका कुसुम शर्मा की बीएड की डिग्री महाराज सिंह कॉलेज सहारनपुर की थी, जांच में पता चला कि महाराज सिंह कॉलेज को बीएड के लिए मान्यता ही नहीं है और न ही वहां बीएड कराया जाता है। कुसुम शर्मा की डिग्री के संबंध में चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ से भी तस्दीक की गई, जहां डिग्री फर्जी होने की जानकारी मिली। सीओ के आदेश पर कोतवाली में धारा 420, 467, 468 व 471 में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच विवेचनाधिकारी सुखलाल सिंह को सौंपी गई। जांच में आरोपी डिग्री के संबंध में आवश्यक जानकारी नहीं दे सके। कोतवाल वीडी उनियाल के अनुसार, प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है(दैनिक जागरण,विकासनगर,3.10.2010)।

1 टिप्पणी:

  1. ऐसी बातें बहुत आम हो गयी हैं | मध्य प्रदेश के एक कुलपति की पी एच डी चोरी की थीसिस पर होना पायी गयी थी |

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