03 अक्टूबर 2010

हिमाचलःफिर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे पीटीए शिक्षक

नियमित शिक्षकों की नियुक्तियों से बाहर निकाले जाने से खफा पीटीए शिक्षक एक बार फिर सरकार के साथ टकराव को तैयार हैं। शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों में पीटीए शिक्षक संघ ने बैठकें कर रणनीति बनाई। बैठक में फिर से आंदोलन शुरू करने पर सहमति बनी। अब ब्लाक स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए रविवार को प्रदेश भर में सभी ब्लॉकों में बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।

पीटीए शिक्षकों ने सरकार ने इन बैठकों में उनके लिए स्पष्ट नीति बनाए जाने की मांग की है। उनका मानना है कि या तो सरकार सभी पीटीए शिक्षकों को एक साथ बाहर निकालने के फरमान जारी करे या फिर सभी पीटीए शिक्षकों को यथावत रखने के स्पष्ट निर्देश शिक्षा विभाग को जारी किए जाएं। सरकार इस मुद्दे पर दोगली नीति अपना रही है।

मुख्यमंत्री पीटीए शिक्षकों को नौकरी से न हटाए जाने का आश्वासन दे रहे हैं जबकि शिक्षा विभाग नियमित शिक्षकों की नियुक्तियां कर उन्हंे नौकरी से बाहर निकाल रहा है। पीटीए शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष विवेक मेहता ने बताया कि शनिवार को सभी जिलों में हुई पीटीए शिक्षक संघ की बैठकों में सरकार के खिलाफ फिर से आंदोलन को शुरू करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है।

यह निर्णय भी लिया गया है कि इस बार पीटीए शिक्षक पंचायत लेवल पर अपने आंदोलन को ले जाएंगे। पीटीए शिक्षकों ने यह धमकी भी दी है कि अगर सरकार ने उन्हें प्रताड़ित करने करने का क्रम यूं ही जारी रखती है तो आत्मदाह जैसे रास्ते को भी मजबूरी में अपनाना पड़ सकता है।

रविवार को होने वाली ब्लॉक स्तर की बैठकों में कोई अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। मैं सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग करता हूं कि कुछ दिन पूर्व दाड़लाघाट के स्कूल में एक पीटीए शिक्षिका ने प्रिंसिपल की ओर से मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने पर आत्मदाह कर लिया था। इसके लिए जिम्मेदार प्रिंसिपल के खिलाफ कारवाई की जाए। दोषी प्रिंसिपल को सजा देने के लिए सरकार और विभाग उचित कदम उठाने के निर्देश दे। -विवेक मेहता, प्रदेशाध्यक्ष, पीटीए शिक्षक संघ(दैनिक भास्कर,शिमला,3.10.2010)

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