03 अक्टूबर 2010

डीयू को 5 स्टार हॉस्टल का गिफ्ट

कॉमनवेल्थ गेम्स के कारण डीयू कॉलेजों के हॉस्टलों का कायाकल्प हो गया है। बेसिक स्ट्रक्चर को छोड़कर इन हॉस्टलों की हर चीज बदल दी गई है। हॉस्टलों के रेनोवेशन के लिए कॉलेज प्रशासन सालों से फंड की मांग कर रहा था और गेम्स ने उन्हें लाखों रुपये का फंड दिलवा दिया। गेम्स के बाद जब स्टूडेंट्स हॉस्टलों में आएंगे तो एक बार तो उन्हें अपनी आंखों पर भरोसा नहीं होगा। कॉलेज हॉस्टलों का लुक शानदार होटेलों की तरह बन गया है।

हंसराज कॉलेज, मिरांडा हाउस, दौलतराम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, लेडी इविर्न कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, सेंट स्टीफंस कॉलेज और रामजस कॉलेज के हॉस्टलों में मेहमान रहेंगे। इन हॉस्टलों में शानदार डाइनिंग हॉल तैयार किया गया है, किचन की तस्वीर भी पूरी तरह बदल गई है। बिजली का एक-एक स्विच और सारी वायरिंग नई है। शानदार फर्श से हॉस्टल की खूबसूरती और निखर रही है। नॉर्थ कैंपस स्थित डीयू का स्टेडियम इंटरनैशनल लेवल का बन गया है। यहां रग्बी इवेंट होना है और पहले यह साधारण प्लेग्राउंड जैसा नजर आता था। स्टेडियम की कपैसिटी 12,000 हो चुकी है। खूबसूरती देखते ही बनती है।

एसआरसीसी के प्रिंसिपल डॉ. पी. सी. जैन बताते हैं कि अब स्टूडेंट्स को हॉस्टलों से कोई शिकायत नहीं रहेगी और यहां उन्हें पहले से बहुत बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। किरोड़ीमल कॉलेज के प्रिंसिपल भीम सेन सिंह का कहना है कि पिछले दस साल से वे हॉस्टल में सुधार के लिए फंड की मांग कर रहे थे लेकिन यूजीसी की ओर से हॉस्टलों के लिए मदद नहीं मिल रही थी लेकिन गेम्स ने कॉलेज को फंड दिलवा दिया और हॉस्टल को फाइव स्टार लुक दे दिया गया है। होम थियेटर सिस्टम लगा है, 30 इंच का एलसीडी डाइनिंग हॉल की शोभा बढ़ा रहा है। डाइनिंग टेबल, कुर्सियां और आकर्षक पर्दे लगाए गए हैं। फर्श को ग्रेनाइट पत्थर से सजाया गया है। हॉस्टल में दो आरओ सिस्टम लगे हैं। हर कमरे में ब्रैंडेड मैट्रेस हैं। टॉयलेट ब्लॉक भी मॉडर्न लुक में हैं।

गजब की लाइटिंग से हॉस्टल बिल्कुल नए रूप में नजर आ रहे हैं। नॉर्थ कैंपस की सड़कें, फुटपाथ और सीवर सिस्टम पूरी तरह बदल चुके हैं। छात्रा मार्ग, यूनिवर्सिटी रोड, जीटीबी रोड, क्रांति चौक आदि सड़कों को डेंस कारपेट में बदल दिया है। कैंपस के चारों तरफ ऐसे खूबसूरत और चमकदार साइनेज लगाए गए हैं जो रात में भी पढ़े जा सकेंगे। डीयू की सड़कों की स्ट्रीट लाइटों को भी बदल दिया गया है(नवभारत टाईम्स,दिल्ली,3.10.2010)।

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