04 अक्टूबर 2010

प्रोफेशनल सोशल मीडिया नेटवर्क का रुख अब छोटे शहरों की ओर

आगरा की रहने वाली एक युवा प्रोफेशनल गुंजन की अकादमिक शिक्षा बहुत अच्छी रही परंतु दिल्ली व मुंबई जैसे बड़े शहरों का एक्सपोजर न होने के कारण एक अच्छी नौकरी का उसे हमेशा ही मलाल रहा। मेट्रो शहरों में नौकरी के लिए यदि कोई बेहतरीन साधन न हो तो इधर-उधर भटकने पर भी कुछ खास हाथ नहीं लगता। हां, इंटरनेट का शौक गुंजन को हमेशा से था और इसी के बलबूते सोशल नेटवर्किंग साइटस के माध्यम से उसने लोगों से जान पहचान बनाई। दिल्ली की एक प्रख्यात जनसंपर्क संस्थान में इंटरव्यू दिया और एक खुशहाल जीवन की ओर कदम बढ़ाया।

गुंजन के अनुसार, "मेहनती इनसान के लिए आज हर क्षेत्र में अवसर हैं परंतु इस अवसरों का माध्यम हमें खुद तलाशना होता है। आज बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण प्लेसमेंट की बहुत मारा-मारी है। ऐसे में सोशल मीडिया नेटवर्किंग एक ऐसा अस्त्र है जो आपको मेट्रो शहरों में ऐसे अवसर प्रदान करता है। आप नई कंपनियों के संपर्क में आ सकते हैं, अपना अनुभव और काम दिखा सकते हैं, बिजनेस के नए अवसर तलाश सकते हैं और अपने काम की पब्लिसिटी भी कर सकते हैं।" जाहिर है, इंटरनेट या सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट्स सिर्फ दोस्तों से संपर्क में रहने के लिए काम नहीं आतीं बल्कि आपका रोजगार व व्यवसाय के नए अवसर तलाशने में भी मददगार साबित होती हैं।

सोशल मीडिया प्रोफेशनल नेटवर्किंग और जॉब साइट्स की सहभागिता

नौकरी डॉट कॉम से लेकर मॉनस्टर तथा टाइम्स जॉब तक ऐसी तमाम वेबसाइट्स हैं जो मेट्रो शहरों के अलावा द्वितीय व तृतीय स्तर के शहरों से हुनरमंद युवाओं को खोज निकालने में जुटी हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट का मानना है कि अकादमिक नजरिए से देखा जाए तो छोटे शहरों में ऐसे युवाओं की भरमार है जो आत्मविश्वासी हैं और लगन से काम करने का जज्बा रखते हैं। पर एक्सपोज न मिल पाने के कारण सामने नहीं आ पाते, इन क्षेत्रों में ये "जॉब वेबसाइट्स" धूम मचा रही हैं।

इस काम में फे सबुक, आरकू ट, ट्विटर जैसी सोशल मीडिया साइट्स भी पीछे नहीं हैं। आज इन साइट्स पर छोटी-बड़ी कंपनियों के अलग-अलग पेज, समूह और समुदाय बने हुए हैं। हर कंपनी की कम्युनिटी में आपको उसके बारे में अधिक जानकारी और रोजगार के अवसर जानने में मदद मिल सकती है। यही नहीं, कुछ संस्थाएं और व्यक्तिगत यूजर्स भी ऐसे अकाउंट चलाते हैं जो इन कम्युनिटीज व वेब पेज के माध्यम से सरकारी व प्राइवेट नौकरियों की जानकारी देते हैं।

विशेषज्ञों की राय

एक छोटे शहर व कस्बे में आपको आत्मविश्वास से भरे कई युवा मिल जाएंगे जो अच्छा बोलते होंगे व लिखते होंगे पर उनमें से कितने होंगे जो जानकारी रखते होंगे कि पत्रकारिता का क्षेत्र भी एक अच्छा कॅरिअर हो सकता है? यही उदाहरण अंतरिक्ष व तकनीक से लेकर अर्थशास्त्र तक हर क्षेत्र में लागू होता है। समाचार पत्र व टेलीविजन के फैलते दायरे के साथ साथ इंटरनेट की ये साइट्स तो जैसे सोने पर सुहागा की तरह साबित हो रही हैं।

अपना सर्किल के संस्थापक तथा सीईओ योगेश बंसल मानते हैं, "नेटवर्किंग साइट्स आज किसी की प्रोफेशनल प्रोफाइल बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही हैं। एक बिजनेस तथा कॅरिअर नेटवर्किंग वेबसाइट्स होने की वजह से अपना सर्किल डॉट कॉम से आज देश विदेश के अनेक लोग एक दूसरे से जुड़े हैं। सबकी अलग- अलग पृष्ठभूमि है और रोजगार व बिजनेस को लेकर अलग-अलग अवाश्यकताएं।" परंतु इन साइट्स के माध्यम से आज कंपनियां अपने लिए कर्मचारी जुटा सकती हैं और रोजगार ढूंढ़ रहे व्यक्ति अपने लिए कंपनियां तलाश सकते हैं।

राजधानी दिल्ली स्थित एक जनसंपर्क संस्थान वल्यू ३६० डिग्री प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुणाल किशोर कहते हैं, "एक जनसंपर्क संस्थान के नाते हमें अपनी पहुंच चौतरफा बढ़ानी आवश्यक है। आज हम दिल्ली से बाहर निकलकर अन्य राज्यों में भी अपना नाम बना पाए हैं इसका श्रेय इन नेटवर्किंग साइट्सों को ही जाता है और यकीन मानिए यह बिलकुल भी कठिन व सिरदर्दी वाला काम नहीं है। आखिर लोगों से जुड़ना किसे अच्छा नहीं लगता, खासतौर पर जब आपका बिजनेस कई गुणा तेजी से बढ़ रहा हो।"

जैसे-जैसे भारत में "नेटिजनस" (इंटरनेट यूजर्स) की तादाद बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे छोटे शहरों से छुपेरुस्तम सामने आ रहे हैं। भारत जैसे विकासशील देश मे वह प्रगति का एक सकारात्मक पहलू है(दीपिका शर्मा,मेट्रो रंग,नई दुनिया,दिल्ली,4.10.2010)।

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