मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में मलेरिया से यदि किसी व्यक्ति की मौत होती है तो स्वास्थ्य कार्यकर्ता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। यह अजीबोगरीब आदेश सीहोर के प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पद्माकर त्रिपाठी ने जारी किया है।
सीहोर जिले में पिछले साल मलेरिया फैल्सीपेरम ने 16 लोगों को अपना शिकार बनाया था, लेकिन इस साल यह संख्या 3 गुना बढ़कर 51 हो गई है। बिगड़ते हालात से चिंतित प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. त्रिपाठी ने एक आदेश जारी कर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी है कि अगर किसी की मलेरिया से मौत होती है तो उस इलाके के बहुउद्देशीय कार्यकर्ता और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।
मलेरिया अधिकारी का मानना है कि जिन लोगों पर मलेरिया की जांच कर उस पर नियंत्रण करने की जिम्मेदारी है वे अपने कर्तव्यों का ठीक तरह से निर्वाहन नहीं कर रहे हैं, लिहाजा मलेरिया पीड़ितों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है(नवभारत टाइम्स डाट कॉम,1.10.2010)।
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