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12 जून 2012

डीयूःअंकों से छेड़छाड़ की तो मुश्किल होगा दाखिला

दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए बारहवीं के अंकों के साथ-साथ छेड़छाड़ इस बार आवेदकों को महंगी पड़ सकती है।

दरअसल, डीयू की ऑनलाइन व ऑफलाइन, दोनों ही माध्यमों से किए गए आवेदन फॉर्म में खासतौर पर छात्रों की ओर से भरे जा रहे बारहवीं के अंकों पर नजर है। ऑनलाइन फॉर्म में जहां अंक निर्धारित व्यवस्था से परे मैन्युअल नंबर भरने पर आवेदन पर विशेष मार्किग हो जाएगी, वहीं ऑफलाइन आवेदन में ओएमआर फॉर्म में गड़बड़ी को स्कैनिंग के दौरान पकड़ा जाएगा। 

डीन छात्र कल्याण प्रो.जेएम खुराना ने बताया कि बीते कुछ सालों में देखने में आया है कि ओएमआर फॉर्म में छात्र बोर्ड का रोल नंबर देने के बाद बाहरवीं में मिले नंबरों से छेड़छाड़ करते हैं। इसके बाद नकली मार्क्‍सशीट के सहारे दाखिला भी पा लेते हैं। बीते साल रामजस कॉलेज में हुए फर्जी दाखिले इसी तरह से अंजाम दिए गए थे।

अंकों से छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़ा अंजाम देने की इन अनुचित गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए डीयू प्रशासन अपने स्तर पर हर एक फॉर्म की जांच कर रहा है। आवेदन के समय ही ऐसे छात्रों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने प्राप्त अंकों से ज्यादा की घोषणा की है। इतना ही नहीं यदि इस प्रक्रिया से भी कोई छात्र बच निकलता है तो इस बार कॉलेजों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं कि वह अपने यहां होने वाले हर दाखिले पर बारहवीं के अंकों के स्तर पर संबंधित बोर्ड के नतीजों से गहन जांच को अंजाम दें। 

ऐसे पकड़ रहे हैं फर्जीवाड़ा: डीयू ऑफलाइन में एक-एक आवेदन फॉर्म को स्कैनिंग के दौरान जांचा जा रहा है, जबकि ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में उन फॉर्म पर खास नजर रख रहा है, जिनमें सीबीएसई रोल नंबर डालने पर आने वाले अंकों को स्वीकार करने के बजाय अपनी तरफ से नंबर भरे गए हैं। इतना ही नहीं ऑनलाइन आवेदन सुविधा के तहत सिर्फ सीबीएसई के नंबर ही रोल नंबर डालने पर स्वत: उपलब्ध होते है, शेष बोर्ड के अंकों की पड़ताल की जा रही है(शैलेन्द्र सिंह,दैनिक भास्कर,दिल्ली,12.6.12)।

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मेरठःतीन दिन बाद पटरी पर लौटी बी.एड. काउंसिलिंग

तीन दिनों तक लगातार कभी सर्वर, कभी सॉफ्टवेयर तो कभी पूरी व्यवस्था ही चौपट होने के बाद चौथे दिन सोमवार से बीएड काउंसिलिंग की प्रक्रिया पटरी पर लौटती नजर आयी। 

सोमवार को सुबह दस बजे से सर्वर ने काम करना शुरू कर दिया। डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन, सीट च्वाइस और एलॉटमेंट में भी देरी नहीं हुई। सर्वर के रफ्तार और समय पर काम शुरू होने का नतीजा रहा कि शाम को पौने छह बजे तक सर छोटूराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई। 

सरकारी और एडेड कालेजों में सीटें खत्म होने का असर दिखा कि बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थिति रहे। एक-एक केंद्रों पर अनपुस्थिति की संख्या 150 से ज्यादा रही। एक केंद्र पर आय प्रमाण पत्र की अवधि को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति पैदा हुई लेकिन नियमों के आधार पर इसे भी शॉर्ट आउट कर लिया गया। कुछ छात्र आय प्रमाण पत्र की अवधि छह माह से बढ़ाकर दो वर्ष तक मान्य किए जाने का तर्क दिया, लेकिन काउंसिलिंग मैनुअल में दर्शाया गया कि एक जनवरी, 2012 के बाद का बना आय प्रमाण पत्र ही वैध होगा। कुल मिलाकर काउंसिलिंग की प्रक्रिया सभी केंद्रों पर समय से निपट गई। 

काउंसिलिंग का हाल 
केंद्र- छात्र -बुलाए- च्वाइस लॉक 
सर छोटूराम कालेज 375 205 
नीलकंठ इंस्टीट्यूट 394 219 
जेपी इंस्टीट्यूट 397 215(दैनिक जागरण,मेरठ,12.6.12)

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डीयू दाखिलाःऑनलाइन आवेदन के चलते चढ़ेगा कट-ऑफ का पारा

दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की दौड़ में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा ने जहां प्रक्रिया को आसान बनाया है वहीं इस सुविधा ने ही छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा को और कड़ा कर दिया है। 

डीयू में दाखिले के लिए पहली बार शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन जरिए पहले एक हफ्ते में ही 65 हजार से ज्यादा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। जबकि ऑफलाइन फॉर्म की बिक्री का आंकड़ा भी एक लाख के करीब है। हालांकि जमा किए गए फॉर्म की संख्या अभी 35 हजार के आसपास ही है। 

कुलपति प्रो. दिनेश सिंह का कहना है कि न सिर्फ देश बल्कि विदेशों तक में डीयू अपनी एक अलग पहचान कायम कर चुका है ऐसे में यहां दाखिले के इच्छुक हर छात्र को मौका देने के उद्देश्य से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है। प्रो. सिंह ने कहा कि इस सुविधा के इस्तेमाल से देश के किसी भी कोने से छात्र अपने घर बैठे ही डीयू में दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है। उन्हें ओएमआर फॉर्म भरने के लिए विश्वविद्यालय का रुख करने की जरूरत नहीं है। विश्वविद्यालय इंफॉर्मेशन सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार रोजाना ऑनलाइन आवेदन को लेकर सैकड़ों कॉल्स दिल्ली के बाहर से आती है। मुंबई से कॉल करने वाली एक ऐसी ही छात्र से जब पूछा गया कि वह डीयू क्यों आना चाहती है तो उनका कहना था कि एसआरसीसी का खूब नाम सुना है और यदि कटऑफ में नंबर आ गया और हॉस्टल मिल जाता है तो वह डीयू में पढ़ेगी। 

दाखिला प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की माने तो बीते सालों के मुकाबले इस बार टॉप कॉलेजों में दाखिलों को लेकर जबर्दस्त कम्पीटिशन देखने को मिलेगा। वजह है कि आवेदन प्रक्रिया के लिए व्यक्तिगत तौर पर कैम्पस आने की अनिवार्यता ऑनलाइन आवेदन के चलते खत्म हो गई है। 

कश्मीर से कन्याकुमारी तक देशभर से लगातार ऑनलाइन आवेदन आ रहे हैं। डीयू अधिकारियों व कॉलेज प्रिंसिपलों की माने तो आवेदन की ऑनलाइन सुविधा के चलते इस बार कटऑफ निर्धारण बहुत सोच समझ कर करना होगा क्योंकि ऑफलाइन ओएमआर में हर आधा फीसदी के अंतर 10 से 20 छात्र आते थे तो इस बार यह संख्या दोगुना तक बढ़ सकती है। 

मेल-फीमेल का फर्क नहीं समझ पा रहे हैं छात्र 
ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए बारहवीं में आसमान छूती अंक प्रतिशत पाने वाले छात्र-छात्राएं दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉमन प्री-एडमिशन फॉर्म में खूब गलतियां कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं की ओर से की जा रही गलतियों में वह बोर्ड का रोल नंबर, रिजल्ट का मौजूदा स्टेट्स (पास, कम्पार्टमेंट या रिजल्ट घोषित नहीं), बारहवीं में पढ़े विषयों के कोड और तो और बोर्ड का नाम तक छात्र सही नहीं भर रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि बारहवीं पास छात्र-छात्राएं न सिर्फ मेल-फीमेल का कॉलम गलत भर रहे है बल्कि छात्र छात्राओं के कॉलेजों में दाखिले के लिए विकल्प भरते नजर आ रहे हैं(दैनिक भास्कर,दिल्ली,11.6.12)।

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डीटीयूःदाखिले से जुड़े सवाल इन नम्बरों पर पूछिए

दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2012-13 के लिए विभिन्न अंडर ग्रेजुएट बीटेक पाठ्यक्रमों के लिए दाखिला प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, 13 से 18 जून के बीच ऑनलाइन पंजीकरण व बैंक चालान जमा होगा और उसके बाद 20 से 25 जून के बीच छात्र दाखिले के लिए अपनी पसंद दर्ज कर पाएंगे। 

दाखिला प्रक्रिया के लिए डिप्टी चेयरमैन बनाए गए डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि 13 जून से शुरू हो रही आवेदन प्रक्रिया के तहत छात्रों को वेबसाइट पर लॉगइन करना होगा। उन्होंने बताया कि यहां छात्रों को अपना बैंक चालान तैयार करना होगा। 

इसके लिए उन्होंने बेवसाइट पर उपलब्ध विकल्प पर जाकर एआईईईई का रोल नंबर, नाम, पिता का नाम व रैंक देनी होगी। चालान का भुगतान 1000 रुपये देकर देश में किसी भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में किया जा सकेगा। शुल्क जमा कराने के बाद 20 से 25 जून के बीच छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए अपनी च्वाइस दर्ज कराएंगे, जिसके आधार पर उन्हें दाखिले का अवसर मिलेगा। 

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. पीबी शर्मा ने बताया कि कुल 15 बीटेक पाठ्यक्रमों में इस बार 1531 सीटें उपलब्ध हैं। इन सीटों पर आवेदन प्रक्रिया के बाद 2 जुलाई को पहली दाखिला सूची, 10 जुलाई को दूसरी, 16 जुलाई को तीसरी सूची जारी की जाएगी। 

प्रो.शर्मा ने बताया कि तीन सूचियों के दाखिले अंजाम देने के बाद 20 व 21 जुलाई को शेष आवेदकों को व्यक्तिगत हाजिरी के लिए कैम्पस बुलाया जा रहा है, जिसके आधार पर 24 जुलाई को चौथी व 30 जुलाई को पांचवीं दाखिला सूची जारी की जाएगी। 

हेल्पलाइन नंबर 
दाखिले से जुड़ी हर उलझन के समाधान के लिए दो हेल्पलाइन नंबर छात्रों के लिए उपलब्ध रहेंगे। 9654456584, 9811364542 पर कॉल कर आवेदन में हो रही परेशानी का निदान पा सकते हैं। विदेशी छात्रों को भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा- विदेशी छात्र भी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विदेशी छात्रों के लिए 48 सीटें उपलब्ध रहेगी। 

कोटे का गणित व मेरिट का आधार- डीटीयू में 85 फीसदी सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित हैं जबकि शेष 15 फीसदी सीटें देश के अन्य छात्रों के लिए। छात्र को 12वीं में पीसीएम में कम से कम 60 फीसदी अंक होने चाहिए(दैनिक भास्कर,दिल्ली,11.6.12)।

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10 जून 2012

नवभारत टाइम्स का चलो कैंपस सेमिनार आज

मिशन एडमिशन की रेस शुरू हो गई है। यूनिवर्सिटी , कोर्स और कॉलेजों को लेकर स्टूडेंट्स के मन में कन्फ्यूजन है और उन्हें बेस्ट करियर ऑप्शन की तलाश है। स्टूडेंट्स की तमाम उलझनों को सुलझाने के लिए एनबीटी लगातार पांचवें साल लाइव काउंसलिंग सेमिनार की स्पेशल सीरीज लेकर आ रहा है। ये सेमिनार एनबीटी चलो कैंपस अभियान का खास हिस्सा हैं। 

पिछले सालों में हर सेमिनार में स्टूडेंट्स और पैरंट्स की भारी भीड़ उमड़ी थी। एक्सपर्ट ने स्टूडेंट्स के हर सवाल का जवाब दिया और स्टूडेंट्स की सारी कन्फ्यूजन दूर हुई। हर संडे को दो कॉलेजों में ये सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार पहले दो सेमिनार 10 जून को दयाल सिंह कॉलेज ( लोदी रोड ) और रामजस कॉलेज ( नॉर्थ कैंपस ) में होंगे। सेमिनार में एंट्री बिल्कुल फ्री होगी। एनबीटी सेमिनार में डीयू के कॉलेजों के सीनियर प्रिंसिपल , अधिकारी और प्रोफेसर एक्सपर्ट के रुप में मौजूद रहेंगे और स्टूडेंट्स उनसे सीधे सवाल - जवाब भी कर सकेंगे।

एनबीटी चलो कैंपस स्टूडेंट को इंटरनेट के जरिए लाइव चैट का मौका भी मुहैया करा रहा है साथ ही सेमिनार के जरिए स्टूडेंट्स के पास एक्सपर्ट से सीधे रूबरू होने का मौका है। पैरंट्स के लिए भी यह बढि़या मौका है जब वे एक्सपर्ट से सवाल पूछ सकेंगे। 

एनबीटी लाइव काउंसलिंग सेमिनार 
10 जून 
दयाल सिंह कॉलेज , लोदी रोड 

संडे को दयाल सिंह कॉलेज में होने वाले सेमिनार में डीयू इग्जेक्यूटिव काउंसिल के मेंबर और दयाल सिंह ईवनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ . दीपक मल्होत्रा , डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ . दिनेश वाष्णेर्य , आंबेडकर कॉलेज में कॉमर्स के सीनियर असोसिएट प्रफेसर आर . बी . सोलंकी और अकैडमिक काउंसिल के मेंबर व केमिस्ट्री के सीनियर असोसिएट प्रोफेसर अजय कुमार भागी मौजूद रहेंगे और वे स्टूडेंट्स के सवालों का जवाब देंगे। 

रामजस कॉलेज , नॉर्थ कैंपस
नॉर्थ कैंपस के रामजस कॉलेज में होने वाले सेमिनार में हिंदू कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ . प्रद्युम्न कुमार , कॉमर्स के सीनियर प्रोफेसर जे . एल . गुप्ता , डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ . गुरप्रीत सिंह टुटेजा और स्कूल ऑफ ओपन लनिर्ंग ( एसओएल ) के सीनियर असोसिएट प्रोफेसर जे . खूंटिया मौजूद रहेंगे और स्टूडेंट्स इन एक्सपर्ट के साथ सीधी बातचीत कर सकेंगे। 

टाइम : सुबह 10 बजे से 
रजिस्ट्रेशन : सुबह 9.30 बजे से एंट्री फ्री(नवभारत टाइम्स,दिल्ली)

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09 जून 2012

राजस्थानः पीटीईटी काउंसलिंग सोमवार से

राजस्थान प्री टीचर्स एजुकेशन टेस्ट (पीटीईटी) की काउंसलिंग सोमवार से शुरू होगी। कॉलेजों की सूची संकलित करने के बाद ही सीटें तय हो सकेगी। समन्वयक ने बताया कि सोमवार को सीटें तय हो जाएगी। जेएनवीयू की ओर से गत माह पीटीईटी के परिणाम घोषित किए गए थे। परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद काउंसलिंग का कार्यक्रम घोषित किया गया था। जेएनवीयू व राजस्थान विश्वविद्यालय की सूची नहीं मिली कार्यक्रम घोषित करने के साथ समन्वयक ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजकर संबद्ध बीएड कॉलेजों की सूची मांगी थी। अधिकांश विश्वविद्यालय की सूचियां शुक्रवार तक प्राप्त हो गई थी। लेकिन खुद जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय व राजस्थान यूनिवर्सिटी के कॉलेजों की सूची नहीं मिली तथा इन विश्वविद्यालयों के कुलसचिव ने शनिवार शाम तक सूची भेजने का समय मांगा था। शनिवार को सूची मिलने के बाद सोमवार को सूची संकलित की जाएगी, इसके बाद ही सीटें तय हो पाएगी। सोमवार से पीटीईटी की काउंसलिंग भी शुरू हो जाएगी। ये काउंसलिंग 3 जुलाई तक चलेगी(मनोज पुरोहित,दैनिक भास्कर,जोधपुर,9.6.12)।

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डीयूःवोकेशनल का फैशन

डीयू में अंडरग्रैजुएट लेवल पर ल के बीए (वोकेशनल स्टडीज) कोर्स की पढ़ाई कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज में होती है। यह कोर्स सात स्ट्रीम में है और हर स्ट्रीम के लिए अलग-अलग कट ऑफ आती है। बीए (वोकेशनल स्टडीज) में बेस्ट ऑफ फोर के बेस पर एडमिशन होता है और 2 वोकेशनल सब्जेक्ट और दो अकैडमिक सब्जेक्ट के मार्क्स की कैलकुलेशन देखी जाती है। हर स्ट्रीम में वोकेशनल सब्जेक्ट की डिमांड अलग-अलग होती है। वोकेशनल स्टडीज के इन कोसेर्ज के बारे में बता रहे हैं भूपेंद्र : 

अगर किसी स्टूडेंट्स ने 12वीं में इंश्योरेंस सब्जेक्ट पढ़े हैं तो उसे मैनेजमेंट एंड माकेर्टिंग ऑफ इंश्योरेंस कोर्स में एडमिशन मिलेगा। इसी तरह से टूरिज्म के सब्जेक्ट पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को टूरिज्म स्ट्रीम में एडमिशन मिलेगा। स्ट्रीम से रिलेटिड वोकेशनल सब्जेक्ट को ही देखा जाएगा। - डॉ. इंद्रजीत , प्रिंसिपल , कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज 

ये सब्जेक्ट नहीं होते काउंट 
इस कोर्स में 10 सब्जेक्ट्स को बेस्ट ऑफ फोर में काउंट नहीं किया जाता। इंजीनियरिंग ड्रॉइंग , होम साइंस , फाइन आर्ट्स , एग्रीकल्चर , फिजिकल एजुकेशन , म्यूजिक , डांस , बायोटेक्नॉलजी , फैशन स्टडीज और वेब एंड मल्टीमीडिया टेक्नॉलजी को बेस्ट ऑफ फोर में शामिल नहीं किया जाता। डॉ. इंदजीत ने बताया कि वोकेशनल स्टडीज की जो सात स्ट्रीम हैं , उनमें ये सब्जेक्ट फिट नहीं होते। दो अकैडमिक सब्जेक्ट में एक लैंग्वेज के मार्क्स काउंट किए जाते हैं। 

इन कोर्स की होती है पढ़ाई 
-ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एचआरएम) 

-ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एंड सेक्रेटरियल प्रैक्टिस(ओएएसपी) 

-मैनेजमेंट एंड माकेर्टिंग ऑफ इंश्योरेंस 

-स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एसएमई) 

-माकेर्टिंग मैनेजमेंट एंड रिटेल बिजनेस (एमएमआरबी) 

-मटीरियल मैनेजमेंट (एमएम) 

टूरिज्म : 539 सीटें 
बीए (वोकेशनल स्टडीज) में 539 सीटें हैं और हर स्ट्रीम में 77-77 सीटें हैं। ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एचआरएम) की सबसे अधिक डिमांड है और सबसे हाई कट ऑफ भी इसी कोर्स में रहती है। 

सेंट्रलाइज्ड फॉर्म से करें अप्लाई 
डीयू के सेंट्रलाइज्ड फॉर्म से इन कोर्सेज के लिए अप्लाई किया जा सकता है। डीयू के फॉर्म में इन सभी कोर्सेज का ऑप्शन दिया गया है। डीयू के इसी कॉलेज में बीए (वोकेशनल स्टडीज) की पढ़ाई होती है। सीबीएसई की वोकेशनल स्ट्रीम से 12वीं करने वाले स्टूडेंट्स बड़ी संख्या में इन कोसेर्ज के लिए अप्लाई करते हैं। ऐप्लीकेशन के बेस पर कॉलेज कट ऑफ जारी करता है। कॉलेज का मानना है कि इस बार सीबीएसई का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है और इस हिसाब से कट ऑफ में भी इजाफा होने की पूरी संभावना है। 

जॉब के अच्छे चांस
कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज में स्टूडेंट्स वोकेशनल स्टडीज में डिग्री कोर्स करते हैं जबकि बाकी कॉलेजों में बीए प्रोग्राम में स्टूडेंट्स वोकेशनल सब्जेक्ट ले सकते हैं। ग्रैजुएशन लेवल पर ये कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स की अलग-अलग कंपनियों में प्लेसमेंट हो जाती है। एचआरएम कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स एचआर में एमबीए करते हैं और उनकी डिमांड कई गुना बढ़ जाती है क्योंकि बीए लेवल पर भी इन स्टूडेंट्स ने एचआर की पढ़ाई की होती है। इसी तरह से टूरिज्म इंडस्ट्री में भी यह डिग्री कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स को प्राथमिकता मिलती है। जो स्टूडेंट्स टूरिज्म , एचआएम , माकेर्टिंग जैसी फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं , उनके लिए बीए वोकेशनल की यह डिग्री काफी फायदेमंद है। 

ट्रेनिंग , प्रोजेक्ट के अलग-अलग पेपर 
सेमेस्टर सिस्टम में बीए (वोकेशनल स्टडीज) कोर्स में भी चेंज किए गए हैं और अब इस कोर्स में ट्रेनिंग और प्रोजेक्ट को सिलेबस का हिस्सा बना दिया गया है। ट्रेनिंग और प्रोजेक्ट के अलग-अलग पेपर रखे गए हैं। एचआरएम कोर्स की कट ऑफ सबसे अधिक रहती है। उसके बाद माकेर्टिंग मैनेजमेंट एंड रिटेल बिजनेस (एमएमआरबी) का नंबर आता है। मैनेजमेंट एंड माकेर्टिंग ऑफ इंश्योरेंस (एमएमआई) , टूरिज्म , मटीरियल मैनेजमेंट (एमएम) , स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एसएमई) , ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एंड सेक्रेटरियल प्रैक्टिस स्ट्रीम में स्टूडेंट्स एडमिशन लेते हैं। 

1.25 पर्सेंट का बोनस 
कॉलेज प्रिंसिपल ने बताया कि अगर स्टूडेंट ने 12वीं में इंश्योरेंस स्ट्रीम के सब्जेक्ट पढ़े हैं और वह इसी स्ट्रीम में एडमिशन लेना चाहता है तो उसे 1.25 पर्सेंट का बोनस मिलेगा। इंश्योरेंस कोर्स के लिए भी यही फॉर्म्युला लागू होगा। मसलन अगर किसी कोर्स की कट ऑफ 80 जाती है तो बोनस पाने वाले स्टूडेंट्स के लिए कट ऑफ 78.75 रहेगी(नभाटा,दिल्ली,8.6.12)।

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पानीपत के कॉलेजों में सीटें कम, विद्यार्थी ज्यादा

12वीं पास कर दस हजार आठ सौ विद्यार्थी कालेज में दाखिला लेने के लिए तैयार हैं, जबकि जिले के कालेजों में उनके हिसाब से 40 फीसदी सीट भी उपलब्ध नहीं हैं। शहर में राजकीय समेत चार कालेजों के पास इन विद्यार्थियों के लिए सीटें करीब 7116 हैं। ऐसे में लगभग चालीस फीसदी विद्यार्थी इस बार भी दाखिले के लिए परेशान रह सकते हैं। 

जिले के ज्यादातर निजी कालेजों में 15 जून से प्रॉस्पेक्टस वितरण की शुरुआत होगी। जबकि राजकीय कालेजों में 20 और 25 जून से यह कार्य शुरू होगा। 17 जून से सभी कॉलेजों में कक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी। सभी कॉलेजों ने इस दफा भी मेरिट के आधार पर ही दाखिला लेने का दावा किया है। 

आर्य गर्ल्स कालेज मतलौडा कोर्स सीट बीए 450 बीकाम 280 बीएससी कंप्यूटर साइंस 60 बीसीए 60 बीबीए 60 बीएससी नान मेडि. 60 

कालेजों में कट आफ लिस्ट की स्थिति 
आर्य पीजी कालेज, एसडी कालेज और आईबी कालेज पानीपत और समालखा के वैश्य कालेज और आंधी आदर्श कालेज में पहली कट आफ लिस्ट 2 जुलाई को लगेगी। दूसरी कट आफ 8 को और तीसरी कट आफ 13 जुलाई को चस्पा करने की बात कही गई है। जबकि मतलौडा के आर्य गर्ल्स कालेज में पहली कट आफ 5 जुलाई को, दूसरी 10 को और तीसरी कट आफ लिस्ट 15 जुलाई को लगाई जाएगी। 

इन तिथियों के बीच में ही दाखिले किए जाएंगे। इसराना के आर्य गल्र्स कालेज में पहली कट आफ 2 जुलाई को, दूसरी 7 को और तीसरी कट आफ लिस्ट 13 जुलाई को लगेगी। जबकि प्रॉस्पेक्टस की शुरूआत 25 जून से होगी। 28 जून को फार्म जमा करने की अंतिम तिथि है। दो से 16 जुलाई तक दाखिले होंगे। 

ये रहेंगी सीटों की स्थिति 
आर्य पीजी कॉलेज कोर्स सीट बीए 320 बीकॉम 430 बीएससी 240 बीएससी नान मेडि. 240 बीएससी मेडि. 80 बीएससी बायोटेक 60 बीबीए 120 बीसीए 60 बीबीआई 60 बीटीएम 60 बीएमसी 60 

आईबी कालेज बीए 400 बीकॉम 410 बीएससी नान मेडि. 80 बीएससी मेडिकल 30 बीएससी बायोटेक 30 बीबीए 130 बीसीए 80 

वैश्य कालेज समालखा बीए 320 बीकाम 60 बीबीए 30 

एसडी कालेज बीकॉम 480 बीए 480 बीएससी 240 बीएससी बायोटेक 50 बीबीए 80 

राजकीय कालेज, पानीपत बीए 80 बीकॉम 160 

राजकीय कालेज, इसराना बीए 300 बीकॉम 66 

कालेज में 20 जून से प्रॉसपेक्टस वितरण शुरू होगा। 30 जून फार्म जमा करने की अंतिम तिथि होगी। इसके बाद 2 से 16 जुलाई तक दाखिले होंगे। यदि कोई सीट बचती है तो इसके बाद सौ रुपए विलंब शुल्क के साथ 23 जुलाई तक दाखिले होंगे। जबकि 24 से 31 जुलाई तक सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से विलंब शुल्क लगेगा। पहली कट आफ लिस्ट 3 जुलाई को लगेगी। दूसरी कट आफ 9 जुलाई को और तीसरी 13 जुलाई को लगेगी। डा. आरपी सिंह, प्राचार्य, लाला देशबंधु गुप्ता राजकीय कालेज(दैनिक भास्कर,पानीपत,9.6.12)

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डीयू दाखिलाःकेवल रजिस्ट्रेशन ही नहीं बल्कि ऑनलाइन कर सकते हैं पेमेंट भी

दिल्ली विश्वविद्यालय में ऑनलाइन आवेदन के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड से शुल्क जमा करने की सुविधा गुरुवार से शुरू हो गई। 

हालांकि शुरुआती दौर में छात्रों को इस सेवा के प्रयोग में कुछ तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, पर दोपहर एक बजे के बाद वे आसानी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सके। यह सुविधा चार जून से ही शुरू होनी थी, पर पेमेंट गेटवे सिक्यूरिटी की तकनीकी वजहों से यह संभव नहीं हो सका था। 

डीयू के अधिकारियों के मुताबिक अब आवेदक आसानी से न केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं बल्कि ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं। शुरू में जो थोड़ी-बहुत तकनीकी दिक्कतें हुईं थीं, उन पर अब काबू पा लिया गया है। 

बता दें कि चार जून से ही डीयू में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन पेमेंट गेटवे सिक्यूरिटी की तकनीकी खामी की वजह से डीयू प्रशासन आवेदकों से ड्रॉफ्ट का नंबर मांग रहा था। 

इस प्रक्रिया में आवेदकों को खासी दिक्कत हो रही थी। दरअसल, पहले बैंक से ड्रॉफ्ट बनवाना पड़ता था, फिर उसका नंबर आवेदन फॉर्म में भरना पड़ता था। इसके बाद ड्रॉफ्ट की कॉपी उन्हें डीन छात्र कार्यालय में जमा कराने की शर्त पूरी करनी होती थी। उधर, ऑफलाइन आवेदकों को धूप में पसीना बहाना पड़ रहा है(दैनिक भास्कर,दिल्ली,8.6.12)। 8 जून के ही नभाटा ने भी खबर दी है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस 4 जून से शुरू हो गया था , लेकिन ऑनलाइन पेमेंट का ऑप्शन गुरुवार को मिलना शुरू हुआ। स्टूडेंट्स अब डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. जे. एम. खुराना ने बताया कि ऑनलाइन पेमेंट की फैसिलिटी शुरू होने के बाद शाम 6 बजे तक 220 कैंडिडेट ने ऑनलाइन पेमेंट की है और अभी तक करीब 700 स्टूडेंट्स के ड्राफ्ट मिले हैं यानी करीब 1 हजार स्टूडेंट्स का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कंफर्म हो गया है। 


हालांकि , ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 50 हजार तक पहुंच गई है , लेकिन पेमेंट के बाद ही रजिस्ट्रेशन को कंफर्म माना जाता है। एडमिशन के पहले दो दिनों में डीयू में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का सिस्टम फेल हो गया था। सर्वर भी डाउन हो गया और दूसरे दिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में काफी दिक्कतें आई। अब यूनिवर्सिटी का दावा है कि स्टूडेंट्स को ऑनलाइन अप्लाई करने में कोई परेशानी नहीं होगी। 


वहीं , ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन में पहले चार दिनों में 82 हजार से ज्यादा फॉर्म बिक गए और 10 हजार फॉर्म मिले हैं। अब फॉर्म जमा करवाने वाले कैंडिडेट की संख्या बढ़ रही है। अभी तक यूनिवर्सिटी सेंटर और कॉलेजों में 4 , 998 फॉर्म रिसीव हुए हैं और पोस्ट ऑफिसों में भी करीब इतने ही फॉर्म जमा हुए। चौथे दिन 7793 फॉर्म बिके। खास बात यह है कि यूनिवर्सिटी के सेंटरों , कॉलेजों और पोस्ट ऑफिसों को देखें , तो सबसे ज्यादा भीड़ नॉर्थ कैंपस में आर्ट फैकल्टी में उमड़ रही है। 


चौथे दिन आर्ट फैकल्टी से सबसे ज्यादा 3160 फॉर्म बिके। मिरांडा हाउस से 674 , स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज से 250 , साउथ कैंपस से 476 , राजधानी कॉलेज से 737 , एआरएसडी कॉलेज से 550 , पीजीडीएवी कॉलेज से 587 , गार्गी कॉलेज से 744 , श्यामलाल कॉलेज से 500 और भगिनी निवेदिता कॉलेज से 115 फॉर्म बिके।

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05 जून 2012

डीयू दाखिलाःजल्दबाजी में न करें फॉर्म भरने में गल्तियां

इन बातों का रखें ख्याल 
1. दो कॉलेजों को छोड़कर सभी में अप्लाई कर सकते हैं सेंट्रलाइज्ड फॉर्म से 
2. फॉर्म में 650 से ज्यादा हैं ऑप्शन, 61 कॉलेजों के 42 कोर्स में अप्लाई करना मुमकिन 
3. फॉर्म भरने से पहले इन्फर्मेशन बुलेटिन को ध्यान से पढ़ें 
4. ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों के ऑप्शन भरने में ही है फायदा 
5. फॉर्म पेंसिल से न भरें, ब्लू या ब्लैक बॉल पॉइंट पेन का प्रयोग करें 
6. पोस्ट ऑफिसों और 8 कॉलेजों में मिल रहे हैं फॉर्म, वहीं जमा भी हो सकते हैं 

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन की रेस शुरू हो गई और इस रेस में दौड़ रहे स्टूडेंट्स जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी में भी दिखाई दिए। स्टूडेंट्स जल्दबाजी में फॉर्म भरते दिखाई दिए। सड़क किनारे बैठकर फॉर्म भरने वाले स्टूडेंट्स की भी कमी नहीं थी। लेकिन इस जल्दबाजी का असर भी दिखाई दिया और कई स्टूडेंट्स ने गलत फॉर्म भर दिए। कॉलम नंबर 10 में बहुतों ने की गलती साउथ कैंपस में कई ऐसे स्टूडेंट्स मिले, जिन्होंने फॉर्म का कॉलम नंबर 10 गलत भर दिया। इस कॉलम में बोर्ड एग्जाम में लिए गए सब्जेक्ट का कोड भरना था। लेकिन सब्जेक्ट कोड वे भरने थे, जो डीयू के इन्फमेर्शन बुलेटिन की टेबल-ए में दिए गए थे। डीयू ने अपने सब्जेक्ट कोड जारी किए हैं, जबकि स्टूडेंट्स ने सीबीएसई के सब्जेक्ट कोड भर दिए और उन्हें नया फॉर्म खरीदना पड़ा। खास बात यह है कि डीयू के सेंट्रलाइज्ड फॉर्म में 650 से ज्यादा ऑप्शन हैं। 61 कॉलेज और करीब 42 कोसेर्ज की चॉइस है। ऐसे में स्टूडेंट्स को सबसे पहले इन्फर्मेशन बुलेटिन ध्यान से पढ़ना चाहिए। ज्यादा ऑप्शन भरने में है फायदा डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. दिनेश वाष्णेर्य का कहना है कि ज्यादा ऑप्शन भरने में फायदा है और कम ऑप्शन भरने में नुकसान है। वह बताते हैं कि हल साल ऐसे केस सामने आते हैं, जिनमें स्टूडेंट्स ने उन कॉलेजों को नहीं चुना था, जहां पर उनका नंबर आ गया। अगर आपने किसी कॉलेज का ऑप्शन नहीं भरा है तो वह कॉलेज आपको एडमिशन नहीं देगा। कट ऑफ में नाम आने के बाद भी आप एडमिशन नहीं ले पाएंगे। डॉ. वाष्णेर्य का कहना है कि फॉर्म को घर ले जाएं, पूरा इन्फमेर्शन बुलेटिन पढ़ें। 

अडिशनल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया 
हर कॉलेज का अडिशनल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया अलग-अलग है। अगर किसी कॉलेज की कट ऑफ में बेस्ट ऑफ फोर के आधार पर आपका नाम आ भी जाएगा, तो जरूरी नहीं कि वहां पर एडमिशन हो, क्योंकि उस कॉलेज का अडिशनल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया अलग-अलग होता है। जैसे मैथ्स ऑनर्स में कट ऑफ 80 है और आपके बेस्ट ऑफ फोर में 80 पर्सेंट बन रहे हैं लेकिन उस कॉलेज ने मैथ्स में 90 पर्सेंट की शर्त लगाई है तो फिर मैथ्स में 90 पर्सेंट मार्क्स होने पर ही एडमिशन मिल सकेगा। हर कॉलेज की अपनी शर्तों हैं। बुलेटिन में हर कॉलेज की शर्त दी गई है। इसलिए जरूरी है कि बुलेटिन में कॉलेज की शर्तों को देखें और फिर तय करें कि कहां पर एडमिशन हो सकता है। उसके आधार पर हर संभावित कॉलेज व कोर्स में अप्लाई कर दें।  

ब्लू-ब्लैक बॉल पॉइंट पेन से ही भरें फॉर्म 
फॉर्म को ब्लू या ब्लैक बॉल पॉइंट पेन से ही भरें। पेंसिल से फॉर्म न भरें। काफी कॉलेजों के लिए अप्लाई करें। अगर आप यह सोचकर अप्लाई करेंगे कि कुछ चुनिंदा कॉलेजों में ही एडमिशन लेना है, तो बाद में पछताना पड़ सकता है। क्योंकि कॉलेज की कट ऑफ को लेकर कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। हो सकता है कि कट ऑफ पिछले साल से काफी बढ़ जाए। ऐप्लीकेशन ज्यादा आने पर कट ऑफ बढ़ सकती है। ऐसे में स्टूडेंट्स को सेंट्रलाइज्ड फॉर्म का पूरा फायदा उठाना चाहिए। 100 रुपये के फॉर्म में आप सभी कॉलेजों व कोसेर्ज में अप्लाई कर सकते हैं। 

सेंट्रलाइज्ड फॉर्म से ही होगा एडमिशन 
डीयू में सेंट स्टीफंस कॉलेज व जीसस एंड मेरी कॉलेज को छोड़कर बाकी सभी कॉलेजों में सेंट्रलाइज्ड फॉर्म के जरिए अप्लाई किया जा सकेगा और इस बार कॉलेज अपना फॉर्म जारी नहीं करेंगे। जो स्टूडेंट्स ऑफलाइन अप्लाई करना चाहते हैं, उन्हें एक फॉर्म ही भरना होगा। वहीं जो स्टूडेंट्स ऑनलाइन अप्लाई करेंगे, उन्हें ऑफलाइन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। यूनिवर्सिटी ने दो लाख फॉर्म का ऑर्डर दिया है। पिछले साल बिना रजिस्ट्रेशन के एडमिशन हुए थे और 2010 में 1.85 लाख सेंट्रलाइज्ड फॉर्म बिके थे। 

डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. जे. एम. खुराना के मुताबिक स्टूडेंट्स को ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से अप्लाई करने का मौका मिल रहा है। 12 पोस्ट ऑफिस से फॉर्म मिलेंगे और 8 कॉलेजों से भी स्टूडेंट्स फॉर्म ले सकेंगे। 8 कॉलेजों के अलावा नॉर्थ कैंपस में आर्ट फैकल्टी व साउथ कैंपस में डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर ऑफिस से भी फॉर्म मिलेंगे। किसी भी पोस्ट ऑफिस व कॉलेज से फॉर्म लिए जा सकते हैं व कहीं पर जमा करवाए जा सकते हैं। पोस्ट ऑफिस में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक फॉर्म मिलेंगे। जिन कोसेर्ज में एंट्रेंस टेस्ट के जरिए एडमिशन होता है, उन कोसेर्ज के लिए सेंट्रलाइज्ड फॉर्म नहीं चलेगा(भूपेंद्र,नभाटा,दिल्ली,5.6.12)।

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डीयू : फॉर्म का र्फस्ट डे फुल फॉर्म में

दिल्ली यूनिवर्सिटी में मिशन एडमिशन का फर्स्ट डे हाउसफुल रहा। पोस्ट ऑफिस से फॉर्म बिक्री का डीयू का एक्सपेरिमेंट कामयाब तो रहा लेकिन कई जगह स्टूडेंट्स को परेशानी भी झेलनी पड़ी। 12 पोस्ट ऑफिस, 8 कॉलेज, नॉर्थ कैंपस (आर्ट फैकल्टी) व साउथ कैंपस (डिप्टी डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर ऑफिस) से स्टूडेंट्स को फॉर्म मिले और हर जगह ही लंबी लाइनें देखने को मिली। 

इंग्लिश ऑनर्स में एडमिशन के लिए होने वाले एंट्रेंस टेस्ट (केट) के लिए अप्लाई करने की आज लास्ट डे थी और आखिरी समय में अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स की काफी भीड़ नजर आई। किरोड़ीमल कॉलेज, मिरांडा हाउस और हिंदू कॉलेज में केट के लिए अप्लाई करने वालों का तांता लगा रहा। 

सबसे ज्यादा भीड़ आर्ट फैकल्टी में नजर आई। सुबह 10 बजे से फॉर्म बिकने शुरू हुए। 9 बजे से ही स्टूडेंट्स की लाइन लग गई थी। यहां पर गर्ल्स के लिए अलग काउंटर बनाया गया था। कुल पांच काउंटर बनाए गए और हर काउंटर में फॉर्म लेने के लिए करीब आधे घंटे का इंतजार करना पड़ा। गर्मी से बचने के लिए टेंट लगाए गए थे और पानी का भी इंतजाम था। 

वहीं कई पोस्ट ऑफिसों में स्टूडेंट्स को परेशानी उठानी पड़ी। पोस्ट ऑफिस में ज्यादा काउंटर नहीं बनाए गए थे। अशोक विहार पोस्ट ऑफिस में पहले ही घंटे में फॉर्म खत्म हो गए और फिर से फॉर्म मंगवाने में करीब आधे घंटे का समय लग गया। दोबारा प्रोस्पेक्टस तो स्टूडेंट्स को मिल गए लेकिन ओएमआर फॉर्म गायब थे। दिल्ली जीपीओ में दोपहर 3:30 बजे काफी स्टूडेंट्स प्रोस्पेक्टस के लिए इंतजार करते दिखे। यहां स्टूडेंट्स को ओएमआर फॉर्म मिल गए लेकिन प्रोस्पेक्टस खत्म हो गए थे(भूपेंद्र,नभाटा,दिल्ली,5.6.12)।

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04 जून 2012

डीयूःकेट में आवेदन का आज आखिरी दिन

अंग्रेजी विभाग की और से कम्बाइंड एप्टिट्यूट टेस्ट फॉर इंग्लिश (केट) के जरिये 21 कॉलेजों में उपलब्ध अंग्रेजी ऑनर्स की सीटों को भरा जा रहा है। 

इन कॉलेजों में दाखिले के लिए आगामी नौ जून को केट परीक्षा का आयोजन होगा, जिसके लिए 25 मई से जारी आवेदन प्रक्रिया सोमवार 4 जून को सम्पन्न होगी। केट दाखिलों में डिप्टी कन्वीनर की भूमिका निभा रहे डॉ. तपन बसु ने बताया कि अभी तक करीब नौ हजार आवेदन आ चुके हैं और सोमवार को आवेदन का अंतिम दिन होने के कारण सभी केट कॉलेजों से गुजारिश की गई है कि वे शाम साढ़े पांच बजे तक आवेदन स्वीकार करें। 

उन्होंने बताया कि नौ जून को होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए ई-एडमिट कॉर्ड जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है और एक-दो दिन के भीतर आवेदक छात्र-छात्राएं अपने एडमिट कॉर्ड ऑनलाइन डॉउनलोड कर पाएंगे। बता दें कि इस बार केट में दाखिले के लिए अंग्रेजी विषय में 60 फीसदी अंक की अनिवार्यता को हटा दिया गया है और अंग्रेजी में पास छात्र को मौका दिया जा रहा है। इसके चलते आवेदकों की संख्या में इजाफा होता दिख रहा है(दैनिक भास्कर,दिल्ली,4.6.12)।

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01 जून 2012

डीयू में दाखिलाःएडमिशन के लिए अब खूब करें तैयारी क्योंकि..

ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए आगामी चार जून का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है। 

दरअसल, दिल्ली विश्वविद्यालय ने उनकी सहूलियत और आवेदन में होने वाली गलतियों से उन्हें बचाने के लिए दाखिला फॉर्म अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय में दाखिले के इच्छुक छात्रों व अभिभावकों की तमाम शंकाओं के निदान के लिए दाखिला बुलेटिन भी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। इसकी मदद से अब छात्र बिना किसी खर्च के समूची दाखिला प्रक्रिया, नियम, बीते साल की कटऑफ व कॉलेजों की ओर से लागू तमाम अनिवार्यताओं से अवगत हो सकेंगे। 

डीन छात्र कल्याण प्रो. जेएम खुराना ने बताया कि ग्रेजुएशन की 54 हजार सीटों पर दाखिले की दौड़ आगामी चार जून से शुरू हो रही है। ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन सुविधा मुहैया करा रहे विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की सहूलियत के लिए और आवेदन के दौरान होने वाली गलतियों से बचाने के लिए तीन दिन पहले ही दाखिला बुलेटिन और आवेदन फॉर्म ऑनलाइन जारी कर दिया है। 

प्रो. खुराना ने बताया कि ओबीसी व सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए जहां ओएमआर फॉर्म उपलब्ध कराया गया है, वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति व शारीरिक रूप से विकलांग श्रेणी के छात्रों के लिए आईसीआर फॉर्म वेबसाइट पर उपलब्ध है। 

इस फॉर्म को डॉउनलोड कर छात्र-छात्राएं न सिर्फ दाखिला फॉर्म का अध्ययन कर सकते हैं, बल्कि इसके माध्यम से अभ्यास भी कर सकते हैं। ताकि, 100 रुपए में मिलने वाले मूल फॉर्म को भरते समय किसी तरह की कोई गलती न हो। 

डीन छात्र कल्याण ने बताया कि छात्रों की सहूलियत और भीषण गरमी में घर बैठे दाखिला प्रक्रिया से जुड़ी तमाम अहम जानकारियों को उन तक पहुंचाने के लिए 62 पेज का दाखिला बुलेटिन भी ऑनलाइन छात्रों के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। इस बुलेटिन की मदद से आवेदन के इच्छुक छात्र कॉलेजों में बीते साल की कटऑफ की जानकारी भी पा सकते हैं(शैलेन्द्र सिंह,दैनिक भास्कर,दिल्ली,1.6.12)।

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डीयू में दाखिले के लिए नहीं पड़ेगा भटकना

डीयू में दाखिले के लिए जून की गरमी में छात्र-छात्राओं को भटकने से बचाने के लिए अब डीयू एफएम व इंफॉर्मेशन सेंटर ने कमर कस ली है। 

दाखिले की राह आसान बनाने के लिए इंफॉर्मेशन सेंटर में विश्वविद्यालय प्रौढ़ एवं सतत शिक्षा विभाग के एक्सपर्ट छात्रों को अहम जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं। 

विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश कुमार ने साफ किया कि इस विशेष इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत न सिर्फ दाखिले के इच्छुक छात्रों की मुश्किलें आसान हो रही है, बल्कि हमारे छात्रों को भी उनकी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है। 

कुलपति प्रो. दिनेश सिंह की ओर से शुरू इंफॉर्मेशन सेंटर के माध्यम से लगातार डीयू से जुड़ी अहम जानकारियां लोगों को टेलीफोन के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

ऐसे में विभाग में चलाए जा रहे करियर गाइडेंस एंड काउंसलिंग पाठ्यक्रम के तहत आने वाले छात्रों को व्यावहारिक ट्रेनिंग देने के उद्देश्य से उन्हें इंफॉर्मेशन सेंटर भेजा गया है। यह छात्र यहां 15 जुलाई तक विभिन्न शिफ्ट में ट्रेनिंग करेंगे और कॉलर्स को डीयू दाखिले से जुड़ी जानकारी देंगे। 

इंफॉर्मेशन सेंटर से परे डीयू एफएम ने भी दाखिल सत्र के लिए तैयारी कर ली है। डीयू एफएम की प्रमुख विजयलक्ष्मी सिन्हा ने बताया कि आगामी 4 जून से डीयू एफएम पर सुबह 11 से 12 बजे के बीच ‘मिशन डीयू एडमिशन’ प्रोग्राम टेलीकॉस्ट किया जाएगा। 

इस प्रोग्राम में छात्र-छात्राओं की शंकाओं का समाधान करने के लिए डीन छात्र कल्याण कार्यालय व कॉलेज प्रिंसिपलों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीते सालों में इस कार्यक्रम को खूब सराहा गया और यही कारण है कि इसे दाखिला प्रक्रिया के साथ ही शुरू किया जा रहा है(शैलेन्द्र सिंह,दैनिक भास्कर,दिल्ली,31.5.12)।

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डीयू में दाखिलाःऑनलाइन आवेदन के इच्छुक छात्रों को 15 जून तक करना होगा इंतजार

बारहवीं बोर्ड में बढ़ी टॉपर्स की संख्या को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों के लिए स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एसओएल) हमेशा से एक बेहतर विकल्प के तौर पर उपलब्ध रहा है। 

दिल्ली विश्वविद्यालय के रेगुलर कॉलेजों की तरह इस बार एसओएल भी अपने यहां दाखिले के इच्छुक छात्रों को ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है। एसओएल में ऑफलाइन आवेदन फॉर्म दाखिला खिड़की पर एक जून से मिलने जा रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन आवेदन के इच्छुक छात्रों को 15 जून तक का इंतजार करना होगा। 

एसओएल के एग्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर प्रो. एचसी पोखरियाल ने ऑनलाइन आवेदन में हो रही देरी को छात्रहित में बताया और कहा कि उनको बेहतर सुविधा देने के चलते ही ज्यादा समय लग रहा है। एसओएल में हर साल करीब सवा लाख छात्र ग्रेजुएशन में दाखिला लेते है। 

छात्रों को पहली बार ऑफलाइन के साथ-ऑनलाइन आवेदन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए खासतौर पर एसबीआई का पेमेंट गेटवे इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसओएल में न सिर्फ दिल्ली, बल्कि समूचे भारत से छात्र-छात्राएं दाखिला लेते हैं। 

ऐसे में इन्हीं छात्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन सुविधा विकसित की जा रही है। एसओएल कम्प्यूटर सेंटर की प्रमुख माधवी ने बताया कि एक जून से ऑफलाइन आवेदन के साथ ऑनलाइन आवेदन शुरू नहीं हो रहा है।

ऑनलाइन आवेदन के लिए छात्रों को 15 जून तक का इंतजार करना होगा। उन्होंने बताया कि पेमेंट गेटवे के तहत डेबिट-क्रेडिट कॉर्ड के साथ बैंक चालान की सुविधा पर भी काम जारी है। 

एसओएल के अस्सिटेंट रजिस्ट्रार (एडमिशन) डॉ.ओपी शर्मा ने बताया कि ऑफलाइन आवेदन फॉर्म 50 रुपए कीमत पर शुक्रवार से एसओएल के उत्तरी व दक्षिणी कार्यालय में उपलब्ध रहेगा। जहां तक पोस्ट ऑफिस से आवेदन फॉर्म मिलने की बात है तो इस दिशा में कोशिशें जारी है और जल्द ही इस सुविधा को भी शुरू कर दिया जाएगा। 

उपलब्ध पाठ्यक्रम 
1.बीए प्रोग्राम 
2.बीकॉम प्रोग्राम 
3.बीकॉम ऑनर्स 
4.राजनीति विज्ञान ऑनर्स 
5.अंग्रेजी ऑनर्स 

आवेदन प्रक्रिया 
एक जून से 31 जुलाई: बिना लेट फीस के आवेदन। एक अगस्त से 14 सितम्बर: 200 रुपए लेट फीस के साथ आवेदन(दैनिक भास्कर,दिल्ली,1.6.12)।

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31 मई 2012

डीयूःकोटे के छात्रों को दोहरा मौका

एससी/एसटी वर्ग में चार से रजिस्ट्रेशन दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्रों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चार जून से शुरू हो जाएगी। ये प्रक्रिया 18 जून तक चलेगी। यहीं नही पिछले वर्ष जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया था पर दाखिला नहीं लिया था वह भी रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। 

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया साढ़े नौ बजे से लेकर दो बजे तक चलेगी। उम्मीदवार अपना रजिस्ट्रेशन आर्ट फैकल्टी, नार्थ कैंपस, डिप्टी डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, साउथ कैंपस, धौलाकुंआ, राजधानी कॉलेज, राजा गॉर्डन, श्याम लाल कॉलेज, शाहदरा में कर सकते हैं। उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन के समय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाणपत्र की दो स्वप्रमाणित, दसवीं कक्षा के सर्टिफिकेट की एक स्वप्रमाणित फोटोकॉपी और ओरिजनल सर्टिफिकेट, बारहवीं का ओरिजनल प्रमाणपत्र और एक स्वप्रमाणित फोटोकॉपी, बारहवीं के प्रोविजनल सर्टिफिकेट की एक स्वप्रमाणित फोटोकॉपी, दो स्वप्रमाणित फोटोग्राफ जमा करना होगा। सभी ओरिजनल सर्टिफिकेट को वेरीफिकेशन के बाद जमा कर दिया जाएगा। छात्र किसी भी तरह की जानकारी पाने के लिए इंफॉर्मेशन सेंटर पर नौ से पांच बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं। इंफॉर्मेशन सेंटर पर वह 155215 या 011-27006900 पर संपर्क कर सकते हैं। नहीं कराना होगा कैट का रजिस्ट्रेशन: अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/विकलांग वर्ग के छात्रों को कैट के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। 

दोबारा मिलेगा मौका 
अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र को पहली बार दोबारा रजिस्टेशन का मौका दिया गया है। जिन छात्रों ने बीते वर्ष रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन किसी कारणवश दाखिला नहीं लिया था वह भी इस बार दाखिला ले सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि छात्र दोबारा दाखिला प्रक्रिया में शामिल हो सकें(अनुराग मिश्र,हिंदुस्तान,दिल्ली,26.5.12)।

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30 मई 2012

हिमाचल प्रदेश विविःबीएड में दाखिला शुरू,ऑनलाइन फार्म लें

एचपी यूनिवर्सिटी के शिक्षा विभाग ने बीएड में दाखिला लेने के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार छात्र यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर दाखिला प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दाखिले के आवेदन पत्र अपनी वेबसाइट पर डाल दिए हैं। 

कुल 100 सीटों के लिए होने वाली इस प्रवेश प्रक्रिया के लिए छात्र वेबसाइट से एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड कर आवेदन कर सकते हैं। वहीं, यूनिवर्सिटी ने इस आवेदन फॉर्म को भरने में छात्रों की मदद के लिए एक मार्गदर्शिका भी अपनी वेबसाइट पर डाल दी है। इन सीटों के लिए छात्र 30 जून तक आवेदन कर सकते हैं।

इसके बाद 16 जुलाई से इन सीटों के लिए काउंसलिंग शुरू हो जाएगी। छात्र को वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी जाएगी और मैरिट के अनुसार छात्रों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. रोमेश चंद का कहना है कि ऑनलाइन एडमिशन और फिर काउंसलिंग के लिए सारी जानकारी वेबसाइट पर डाल दी है। छात्रों को इसके लिए अलग से सूचित नहीं किया जाएगा। छात्र www.hpuedushimla.org पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। 

उधर,एचपीयू का वार्षिक समारोह एक जून को मनाया जाएगा। समारोह में पहले तीन स्थानों पर रहने वाले छात्रों, खिलाड़ियों और सांस्कृतिक गतिविधियों में यूनिवर्सिटी का नाम रोशन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। समारोह सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगा। डीएसडब्ल्यू प्रो. टीसी भल्ला का कहना है कि छात्रों को प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। निजी कॉलेज खुद करेंगे दाखिले निजी बीएड कॉलेज इस बार अपने स्तर पर दाखिले करेंगे। 

इसके लिए कॉलेजों ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए छात्रों के आवेदन लिए जा रहे हैं। जुलाई में छात्रों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। इसमें मैरिट के आधार पर एडमिशन दी जाएगी। प्रदेश के कुल 73 बीएड कॉलेजों में करीब साढ़े आठ हजार छात्रों को एडमिशन मिल सकेगी(दैनिक भास्कर,शिमला,30.5.12)।

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16 दिसंबर 2011

आईआईएम रायपुर का फैलोशिप और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम

आईआईएम, रायपुर ने मैनेजमेंट में फेलो प्रोग्राम के लिए आवेदन मंगवाए हैं। यह प्रोग्राम जुलाई 2012 से शुरू होगा। पीएचडी लेवल के इस फुल टाइम कोर्स में स्पेशलाइजेशन के सब्जेक्ट्स हैं: इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस, फाइनेंस एंड अकॉउंटिंग, मार्केटिंग, ऑपरेशंस मैनेजमेंट, ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर एंड एचआरएम और बिजनेस पॉलिसी एंड स्ट्रेटजी।

विस्तृत जानकारी के लिए आईआईएम, रायपुर की वेबसाइट देखें। चयनित अभ्यर्थियों को कोर्स के दौरान पहले और दूसरे साल प्रति माह 20 हजार रुपए और तीसरे और चौथे साल 24 हजार रुपए दिए जाएंगे। भरे गए एप्लीकेशन एफपीएम ऑफिस, आईआईएम, रायपुर में 31 जनवरी 2012 तक स्पीड पोस्ट से पहुंच जाने चाहिए।

वेबसाइट: www.iimraipur.ac.in

एक्सएलआरआई, जमेशदपुर


एक्सएलआरआई, जमशेदपुर ने मैनेजमेंट में फुलटाइम फेलो प्रोग्राम के लिए एप्लीकेशन मंगवाए हैं। प्रोग्राम जुलाई, 2012 में शुरू होगा। पीएचडी लेवल के इस कोर्स में स्पेशलाइजेशन के सब्जेक्ट्स हैं: इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस, फाइनेंस एंड अकॉउंटिंग, मार्केटिंग, ऑपरेशंस मैनेजमेंट, ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर एंड एचआरएम और बिजनेस पॉलिसी एंड स्ट्रेटजी।
विस्तृत जानकारी के लिए एक्सएलआरआई, जमशेदपुर की वेबसाइट देखी जा सकती है। कांप्रिहेंसिव क्वालिफाइंग एग्जाम को सफलता पूर्वक पास करने तक चयनित अभ्यर्थियों को 20 हजार रुपए प्रति महीने और इसके बाद चौथे साल के अंत तक 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। एप्लीकेशन फॉर्म 31 दिसंबर तक एक्सएलआरआई के ऑफिस पहुंच जाने चाहिए।

वेबसाइट : http://acad.& lri.ac.in/admission


एक्युरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी

एक्युरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी ने मैनेजमेंट के दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस कोर्स के लिए आवेदन करने वाले छात्र का कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ ग्रेजुएट होना जरूरी है। 

चयन कैट-मैट के स्कोर और इंटरव्यू-जीडी के आधार पर किया जाएगा। अनुभव को भी वरीयता दी जाएगी। फॉर्म और ब्रॉशर 1,150 रुपए का ड्राफ्ट द्वारा भुगतान कर प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा फॉर्म डाउनलोड भी किए जा सकते हैं।

वेबसाइट: www.accurate.in


ई - मेल: admissions@accurate.in(दैनिक भास्कर,रायपुर,12.12.11)

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डिप्लोमा इन वुड एंड पैनल प्रोडक्ट्स

बात चाहे निर्माण उद्योग की हो अथवा इंटीरियर डेकोरेशन की लकड़ी, प्लाइवुड आदि की जरूरत इनमें अनिवार्य रूप से होती है। धातुओं के इस युग में भी इन पर हमारी निर्भरता काफी है।

ऐसे में इनकी क्वॉलिटी सुधारने से लेकर डिजाइनिंग में विविधता लाने के लिए बड़े स्तर पर शोधकार्यों की जरूरत पड़ती रहती है। इसी जरूरत के मद्देनजर भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा पीजी डिप्लोमा इन वुड एंड पैनल प्रोडक्ट्स टेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रमों की शुरुआत की गई है। वुड बेस्ड इंडस्ट्री में ऐसे प्रोफेशनल्स की काफी मांग होती है।

पाठ्यक्रम की रूपरेखा

इस कोर्स के अंतर्गत लकड़ी, बांस आदि की वैरायटी व रख-रखाव, संबंधित उत्पादों की जानकारी, वुडन उत्पादों की मजबूती व आग से बचाव, पर्यावरण आदि विभिन्न बातों की चर्चा की जाती है।

आयु सीमा


जो अभ्यर्थी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं, उनकी आयु अधिकतम 28 वर्ष होनी चाहिए। इस कोर्स के लिए आयु की गणना 1 नवंबर, 2011 से की जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता

इस कोर्स के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि उनके पास बीएससी, बीई अथवा बीटेक की डिग्री हो।

चयन प्रक्रिया

अभ्यर्थियों को इस पाठ्यक्रम में प्रवेश निर्धारित मेरिट (अंक, ग्रेड आदि) के आधार पर मिलेगा।

कैसे करें आवेदन

डाक से आवेदन-पत्र मंगाने के लिए बेंगलुरु में देय 250 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट डायरेक्टर आईपीआईआरटीआई के नाम दिए गए पते पर भेजें। आवेदन वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। 

वेबसाइट : http://www.ipirti.gov.in(दैनिक भास्कर,7.12.11)

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15 दिसंबर 2011

दिल्ली में नर्सरी दाखिला: गांगुली कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार की हां

नर्सरी दाखिले में उम्र की सीमा को लेकर दिल्ली सरकार ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को जानकारी दी कि उसने प्री प्राइमरी और पहली कक्षा में बच्चों के दाखिल संबंधी गांगुली कमेटी रिपोर्ट की सिफारिशों को मान लिया है। कैबिनेट ने सितंबर माह में हुई बैठक में गांगुली कमेटी सिफारिशों पर विचार करने के बाद उसे स्वीकार करते हुए प्री-प्राइमरी और पहली कक्षा में दाखिल के लिए ४ प्लस और ५ प्लस तय कर दी है।

कार्यकारी चीफ जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस राजीव सहाय एंडला की खंडपीठ के समक्ष शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक शशि कौशल की ओर से दायर हलफनामा में यह बात कही गई। इसी के साथ, खंडपीठ ने बच्चों के दाखिले संबंधी दायर जनहित याचिका पर अंतिम सुनवाई के लिए २१ दिसंबर की तारीख तय की। 


निदेशालय की तरफ से कहा गया कि शिक्षा के अधिकार कानून के प्रावधानों पर विशेषज्ञों और स्टेक होल्डरों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद प्री स्कूल में दाखिले की गाइडलाइंस तय की जा सकती है। वह स्कूली पढ़ाई के मामले में अपने 2007 के अपने हलफनामे को ही पूरी तरह से ताकीद करते हैं। चूंकि, तीन साल की उम्र में दाखिला प्ले स्कूल और प्री-नर्सरी का हिस्सा है, इसके लिए सरकार शिक्षा के अधिकार कानून के तहत अलग से दिशा-निर्देश तैयार कर रही है। हालांकि, दिल्ली सरकार ने कहा कि हाईकोर्ट जो आदेश देगी उसे मंजूर होगा, लेकिन इस तरह का एक मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है जिसें निजी स्कूल की ओर से लगाया गया है(दैनिक भास्कर,दिल्ली,15.12.11)।

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