मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार ने निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करवाई है, बल्कि संस्थान खोलने वालों की तरफ से इसकी खुद खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान खोलने के पीछे विपक्ष की तरफ से जमीन की खरीद को लेकर लगाए जा रहे आरोप आधारहीन है। उन्होंने सरकार की तरफ से प्रदेश का समग्र विकास करने का दावा किया और किसान व बागबानों के लिए नई मंडियों को खोलने की बात कही।
उन्होंने कहा कि जहां ऊपरी क्षेत्र में बागबानों के लिए पराला में मंडी खोली जा रही है, वहीं ऊना जिला में अंब के पास सरकार नींबू प्रजाति के फलों के लिए मंडी खोलने का प्रयास करेगी और इसके लिए ऐसी जगह तलाशी जाएगी, जहां पर रेल व सड़क यातायात की विशेष सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने सेना में हिमाचली कोटा बढ़ाने की वकालत की, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों के युवा ही पहाड़ की लड़ाई को बेहतर तरीके से लड़ सकते हैं। प्रेम कुमार धूमल ने यह जानकारी वीरवार को प्रदेश विधानसभा में विपक्षी विधायक जीएस बाली की तरफ से लाए गए संकल्प के दौरान दी। बाद में यह संकल्प गिर गया, जिस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक भी हुई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी को रोकने के लिए सभी पग उठाए हैं तथा सरकारी क्षेत्र के अलावा पं. दीन दयाल किसान बागवान समृद्धि योजना और दूध गंगा योजना के साथ साथ भेड़ पालकों को भी लाभ दिए हैं। उन्होंने कहा कि आईटी तकनीक के आने से सरकारी काम कम हो गया है और अब नौकरी के अवसर भी कम हो गए हैं। साथ ही हर आदमी को नौकरी देना सरकार के वश में नहीं है। विधायक सुजान सिंह पठानिया ने कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन सहित ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के विकल्प तलाशने चाहिए। उन्होंने ट्रैक्टर खरीद में 1500 रुपए टैक्स हटाने की मांग की। साथ ही सेवानिवृत्ति से खाली होने वाले पद भरने की मांग की।
विधायक योगराज ने बेरोजगारी की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने प्रदेश में लघु उद्योग को बढ़ावा देने की मांग की व दूध गंगा योजना की सराहना की। अर्की के विधायक गोविंद राम ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या से सरकार चिंतित है, जबकि कांग्रेस ने सत्ता में रहने हुए ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि तीन साल में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने का प्रयास किया गया है। विधायक कुलदीप पठानिया ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी गंभीर रुप धारण कर रही है। उन्होंने आईपीएच व पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों और ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की(दैनिक भास्कर,शिमला,11.3.11)।
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