क्षेत्र में प्राथमिक शिक्षा के हाल बेहाल हैं। छात्र तथा शिक्षकों का अनुपात गड़बड़ाने से स्थिति यह है कि अध्यापक के अभाव में जावड़ क्षेत्र का भमरिया कुआं प्राथमिक स्कूल पंद्रह दिन से बंद पड़ा है, तो साकरोदा नोडल केंद्र के ऊंखलियों का खेड़ा प्राथमिक स्कूल में विद्यार्थियों का नामांकन तो शून्य है, इसके बावजूद विभाग ने यहां दो अध्यापक लगा रखे हैं।
मुख्यालय से 15 किमी दूर ऊंखलियों का खेड़ा प्राथमिक स्कूल में इस शैक्षणिक सत्र में अभी तक एक भी बच्चे का नामांकन नहीं हुआ है, जबकि विभाग ने यहां दो अध्यापकों को लगा रखा है। पिछले साल इस स्कूल में 18 बच्चों का नामांकन था, लेकिन इस साल स्कूल में एक भी बच्चे का नामांकन नहीं हो पाया है। आज ही बीईओ की बैठक थी, मुझे इस संबंध में किसी ने सूचना नहीं दी है। शून्य नामांकन वाले स्कूल में सूचना के बावजूद अध्यापक लगाए रखना गलत है। ऐसे स्कूलों को अनार्थिक की श्रेणी में लेकर बंद करने के प्रावधान है। दोनों स्कूलों की स्थिति के बारे में अभी बीईओ से बात करता हूं।""
प्रभुलाल मेघवाल, एडीशनल डीईओ, प्रारंभिक उदयपुर(दैनिक भास्कर,मावली,19.8.11)
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