नर्सिंग काउंसलिंग पूरी। 29 सीटें अब भी खाली
राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय से सम्बद्ध आयुर्वेद नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्रों में डिप्लोमा की रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। री-काउंसिलिंग के बाद नर्सिग डिप्लोमा की 1110 में से केवल 29 सीटें खाली रही हैं। री-काउंसिलिंग में रिक्त सीटों पर प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को 28 अक्टूबर तक आवंटित केन्द्रों में उपस्थित होना होगा।
प्रशिक्षण केन्द्रों में 'डिप्लोमा इन आयुष नर्सिग एण्ड फार्मेसी' की रिक्त 120 सीटों के लिए शुक्रवार को सुबह 9 बजे री-काउंसलिंग आरम्भ हुई। इसमें रिक्त सीटों के लिए अभ्यर्थियों को वरीयता से बुलाया गया। दिनभर चली काउंसलिंग के बाद भी 29 सीटें खाली रह गई। इनमें 19 सीटें अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग व दस अनुसूचित जनजाति पुरूष वर्ग की शामिल है।
लैब टेक्नीशियन की नियम विरूद्ध भर्ती का विरोध
प्रशिक्षित बेरोजगार लेबोरेट्री टेक्नीशियन संघर्ष समिति, राजस्थान ने चिकित्सा विभाग को चेतावनी दी है कि लैब टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया में नियम विरूद्ध नियुक्ति दी गई, तो आंदोलन चलाया जाएगा। समिति के प्रदेश संयोजक रणवीर सिंह ने बताया कि भर्ती के विज्ञापन में सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त संस्था से न्यूनतम 9 माह का लैब टेक्नीशियन कोर्स उत्तीर्ण करने की योग्यता रखी गई थी।
राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय से सम्बद्ध आयुर्वेद नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्रों में डिप्लोमा की रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। री-काउंसिलिंग के बाद नर्सिग डिप्लोमा की 1110 में से केवल 29 सीटें खाली रही हैं। री-काउंसिलिंग में रिक्त सीटों पर प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को 28 अक्टूबर तक आवंटित केन्द्रों में उपस्थित होना होगा।
प्रशिक्षण केन्द्रों में 'डिप्लोमा इन आयुष नर्सिग एण्ड फार्मेसी' की रिक्त 120 सीटों के लिए शुक्रवार को सुबह 9 बजे री-काउंसलिंग आरम्भ हुई। इसमें रिक्त सीटों के लिए अभ्यर्थियों को वरीयता से बुलाया गया। दिनभर चली काउंसलिंग के बाद भी 29 सीटें खाली रह गई। इनमें 19 सीटें अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग व दस अनुसूचित जनजाति पुरूष वर्ग की शामिल है।
लैब टेक्नीशियन की नियम विरूद्ध भर्ती का विरोध
प्रशिक्षित बेरोजगार लेबोरेट्री टेक्नीशियन संघर्ष समिति, राजस्थान ने चिकित्सा विभाग को चेतावनी दी है कि लैब टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया में नियम विरूद्ध नियुक्ति दी गई, तो आंदोलन चलाया जाएगा। समिति के प्रदेश संयोजक रणवीर सिंह ने बताया कि भर्ती के विज्ञापन में सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त संस्था से न्यूनतम 9 माह का लैब टेक्नीशियन कोर्स उत्तीर्ण करने की योग्यता रखी गई थी।
लिहाजा भर्ती भी इसी हिसाब से भर्ती होनी चाहिए थी। लेकिन विभाग नियमों में संशोधन के बिना ही टेक्निकल एजूकेशन बोर्ड की ओर से सम्पादित दो वर्षीय मेडिकल लैब टेक्नीशियन कोर्स के अभ्यर्थियों को भी इस भर्ती के लिए पात्र मान रहा है। यदि इस आधार पर भर्ती होगी तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
शिक्षकों के लिए कठिन विषयों का रिफ्रेशर कोर्स
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश में गणित एवं विज्ञान सहित कठिन माने जाने वाले विषयों की शिक्षण गुणवत्ता को सुधारने की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड अगले महीने से शिक्षकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स शुरू करेगा। सीबीएसई तथा कॉलेज शिक्षा के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को शिक्षण की नई पद्धति की जानकारियां देंगे।
शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुभाष गर्ग ने बताया कि सामान्यत: गणित, विज्ञान तथा कला से जुड़े कठिन विषयों में शिक्षकों को काफी दिक्कतें आती हैं। उन्हें शिक्षण की नई विधियों की जानकारी देने के लिए रिफ्रेशर कोर्स चलाया जाएगा। शिक्षकों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड तथा कॉलेजों के प्रसिद्ध शिक्षक प्रशिक्षण देंगे।
ट्रेनिंग सेंटर की भी तैयारी
शिक्षा बोर्ड ने ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने की भी तैयारी कर ली है। डॉ. गर्ग ने बताया कि नया भवन बनते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। सेंटर बनने के बाद बोर्ड नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।
एजुसेट योजना अजमेर से!
देशभर में शिक्षा पद्धति के लिए नई क्रांति के रूप में देखी जा रही प्रस्तावित एजुसेट योजना अजमेर से शुरू हो सकती है। केंद्रीय संचार मंत्रालय तथा राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इसके लिए प्रयासरत हैं। केंद्रीय संचार राज्यमंत्री सचिन पायलट से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुभाष गर्ग ने इस संबंध में बात की है।
पिछले दिनों कोब्से की बैठक में रखे जाने से पहले एजुसेट योजना को लेकर शिक्षा बोर्ड और आईटी मंत्रालय में बात हो चुकी है। सचिन पायलट ने शिक्षा बोर्ड की इस योजना में रूचि दिखाई थी। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. गर्ग ने उन्हें बताया था कि योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई के क्षेत्र में नई पहल हो सकती है।
इस तरह लागू होगी योजना
एजुसेट योजना के लिए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पाठ्यक्रम तैयार करेगा। यह पाठ्यक्रम ऑडियो-विजुअल भी होगा। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में टीवी मॉनिटर के माध्यम से इसका प्रसारण किया जाएगा। विद्यार्थियों को ऊब से बचाने के लिए बीच-बीच में मनोरंजक कार्यक्रम भी रखे जाएंगे। प्रसारण की जिम्मेदारी केंद्रीय संचार मंत्रालय संभालेगा।
इनका कहना है
हम एजुसेट योजना को अजमेर से लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री सचिन पायलट से बात की है। योजना को जल्द अमली जामा पहनाने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. सुभाष गर्ग, अध्यक्ष, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
संस्कृत की कट ऑफ लिस्ट 30 तक
अजमेर स्थित राजकीय महाविद्यालय बीएसटीसी संस्कृत की कट ऑफ सूची 30 अक्टूबर तक जारी करेगा। इसके बाद ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू होगी।
बीएसटीसी के सह समन्वयक डॉ.एम.एल.अग्रवाल ने बताया कि बीएसटीसी सामान्य के संस्थानों में ज्वाइनिंग पूरी हो गई है। बीएसटीसी संस्कृत की कट ऑफ लिस्ट अगले सप्ताह जारी की जाएगी। ऑनलाइन काउंसलिंग 31 अक्टूबर या नवम्बर में शुरू होगी। मालूम हो कि बीएसटीसी सामान्य एवं संस्कृत प्रवेश परीक्षा में 2 लाख 36 हजार 01 अभ्यर्थी उत्तीर्ण रहे हैं।
फैक्ट फाइल
बीएसटीसी संस्कृत पाठ्यक्रम
- 1220 सीट
- 16 संस्थान
(सभी ख़बरें आज की राजस्थान पत्रिका से)
शिक्षकों के लिए कठिन विषयों का रिफ्रेशर कोर्स
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश में गणित एवं विज्ञान सहित कठिन माने जाने वाले विषयों की शिक्षण गुणवत्ता को सुधारने की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड अगले महीने से शिक्षकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स शुरू करेगा। सीबीएसई तथा कॉलेज शिक्षा के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को शिक्षण की नई पद्धति की जानकारियां देंगे।
शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुभाष गर्ग ने बताया कि सामान्यत: गणित, विज्ञान तथा कला से जुड़े कठिन विषयों में शिक्षकों को काफी दिक्कतें आती हैं। उन्हें शिक्षण की नई विधियों की जानकारी देने के लिए रिफ्रेशर कोर्स चलाया जाएगा। शिक्षकों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड तथा कॉलेजों के प्रसिद्ध शिक्षक प्रशिक्षण देंगे।
ट्रेनिंग सेंटर की भी तैयारी
शिक्षा बोर्ड ने ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने की भी तैयारी कर ली है। डॉ. गर्ग ने बताया कि नया भवन बनते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। सेंटर बनने के बाद बोर्ड नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।
एजुसेट योजना अजमेर से!
देशभर में शिक्षा पद्धति के लिए नई क्रांति के रूप में देखी जा रही प्रस्तावित एजुसेट योजना अजमेर से शुरू हो सकती है। केंद्रीय संचार मंत्रालय तथा राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इसके लिए प्रयासरत हैं। केंद्रीय संचार राज्यमंत्री सचिन पायलट से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुभाष गर्ग ने इस संबंध में बात की है।
पिछले दिनों कोब्से की बैठक में रखे जाने से पहले एजुसेट योजना को लेकर शिक्षा बोर्ड और आईटी मंत्रालय में बात हो चुकी है। सचिन पायलट ने शिक्षा बोर्ड की इस योजना में रूचि दिखाई थी। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. गर्ग ने उन्हें बताया था कि योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई के क्षेत्र में नई पहल हो सकती है।
इस तरह लागू होगी योजना
एजुसेट योजना के लिए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पाठ्यक्रम तैयार करेगा। यह पाठ्यक्रम ऑडियो-विजुअल भी होगा। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में टीवी मॉनिटर के माध्यम से इसका प्रसारण किया जाएगा। विद्यार्थियों को ऊब से बचाने के लिए बीच-बीच में मनोरंजक कार्यक्रम भी रखे जाएंगे। प्रसारण की जिम्मेदारी केंद्रीय संचार मंत्रालय संभालेगा।
इनका कहना है
हम एजुसेट योजना को अजमेर से लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री सचिन पायलट से बात की है। योजना को जल्द अमली जामा पहनाने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. सुभाष गर्ग, अध्यक्ष, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
संस्कृत की कट ऑफ लिस्ट 30 तक
अजमेर स्थित राजकीय महाविद्यालय बीएसटीसी संस्कृत की कट ऑफ सूची 30 अक्टूबर तक जारी करेगा। इसके बाद ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू होगी।
बीएसटीसी के सह समन्वयक डॉ.एम.एल.अग्रवाल ने बताया कि बीएसटीसी सामान्य के संस्थानों में ज्वाइनिंग पूरी हो गई है। बीएसटीसी संस्कृत की कट ऑफ लिस्ट अगले सप्ताह जारी की जाएगी। ऑनलाइन काउंसलिंग 31 अक्टूबर या नवम्बर में शुरू होगी। मालूम हो कि बीएसटीसी सामान्य एवं संस्कृत प्रवेश परीक्षा में 2 लाख 36 हजार 01 अभ्यर्थी उत्तीर्ण रहे हैं।
फैक्ट फाइल
बीएसटीसी संस्कृत पाठ्यक्रम
- 1220 सीट
- 16 संस्थान
(सभी ख़बरें आज की राजस्थान पत्रिका से)
इस जानकारी के लिये धन्यवाद।
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