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23 अक्टूबर 2010

डीयूःफर्स्ट सेमेस्टर एग्जाम पर संकट

सेमेस्टर विरोध के कारण डीयू का ऐकडेमिक शेडयूल पूरी तरह डिस्टर्ब हो गया है। फर्स्ट सेमेस्टर एग्जाम पर भी संकट के बादल हैं। यूनिवर्सिटी एक बार तो संशोधित शेडयूल जारी कर चुकी है और फर्स्ट सेमेस्टर एग्जाम की नई डेट शीट तैयार की गई लेकिन सोमवार से डीयू टीचर्स असोसिएशन (डूटा) एक बार फिर से पूरे हफ्ते की हड़ताल पर जा रही है और ऐसे में यूनिवर्सिटी के सामने एक बार फिर से स्टूडेंट्स का कोर्स पूरा कराने की चुनौती सामने आ गई हैं, हालांकि यूनिवर्सिटी सख्त कदम उठाने के लिए तैयार है।

वाइस चांसलर प्रो. दीपक पेंटल का कहना है कि 180 दिन की पढ़ाई हर हाल में कराई जाएगी और जरूरत पड़ी तो गर्मी की छुट्टियों को कम किया जाएगा और विंटर ब्रेक में भी कटौती की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यूजीसी को भी इस मसले पर आगे आना चाहिए और देखना चाहिए कि जिन कॉलेजों में टीचर्स नहीं पढ़ा रहे हैं, उनको मिलने वाली ग्रांट में कटौती की जाए।

यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक अगर टीचर्स की हड़ताल इसी तरह से चली तो फर्स्ट सेमेस्टर एग्जाम एक बार फिर से कुछ दिन के लिए आगे बढ़ाए जा सकते हैं। पहले यह एग्जाम 20 नवंबर से होने थे, जिसे बढ़ाकर 6 दिसंबर किया गया और कहा गया कि 3 दिसंबर तक क्लासेज होंगी। लेकिन अब फिर से हड़ताल हो रही है और यह तय है कि स्टूडेंट्स का कोर्स पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में यूनिवर्सिटी गंभीरता से सोच रही है कि किस तरह से कोर्स पूरा हो।

सूत्र बताते हैं कि जरूरत पड़ी तो एक बार फिर से नई डेट शीट लाई जाएगी। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी का कहना है कि फर्स्ट सेमेस्टर एग्जाम हर हाल में होंगे और स्टूडेंट्स का कोर्स पूरा कराने की पूरी कोशिश की जाएगी। उधर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार की ओर से सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों के नाम जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि नो वर्क नो पे का आदेश सख्ती के साथ लागू किया जाए। साथ ही प्रिंसिपल अपने कॉलेज के टीचर्स के साथ बातचीत कर उन्हें समझाएं कि स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें और डूटा की हड़ताल में भाग न लें।

वही डीयू स्टूडेंट यूनियन (डूसू) ने भी यूनिवर्सिटी के मौजूदा हालात पर चिंता जताई है। डूसू प्रेजिडेंट जितेंद्र चौधरी का कहना है कि वाइस चांसलर ने उनसे कहा था कि कोर्स पूरा कराया जाएगा लेकिन स्टूडेंट्स का कोर्स पूरा होने की संभावना नजर नहीं आ रही है और ऐसे में स्टूडेंट्स का सेमेस्टर एग्जाम देना बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी को यह कोशिश करनी चाहिए कि पहले सारा कोर्स पूरा करवाया जाए और जरूरत पड़े तो एडहॉक टीचर्स, गेस्ट टीचर्स की भी सेवाएं ली जाएं। अगर कोर्स पूरा हुए बिना सेमेस्टर एग्जाम होंगे तो डूसू इसका कड़ा विरोध करेगी।

डूटा ने आधिकारिक रूप से ऐलान कर दिया है कि अगले हफ्ते हड़ताल रहेगी और टीचर्स प्रो . पेंटल की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे। डूटा ने टीचर्स से अपील की है कि सेमेस्टर एग्जाम से जुड़ी किसी भी गतिविधि में भाग न लें। डूटा प्रेजिडेंट आदित्य नारायण मिश्रा और सेक्रेटरी विनय कुमार सिंह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने डीयू के हालात पर चुप्पी साध रखी है और प्रो . पेंटल मनमाने फैसले कर रहे हैं।

गामा सेल को कबाड़ में बेचे जाने की घटना पर भी ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। डूटा ने दयाल सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल आई . एस . बख्शी को भी छुट्टी पर भेजे जाने की मांग की है और कहा है कि कॉलेज की स्टाफ असोसिएशन ने प्रिंसिपल के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं और इन आरोपों की जांच होनी चाहिए(भूपेंद्र,नवभारत टाइम्स,दिल्ली,23.10.2010)।

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