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23 अक्टूबर 2010

डीयू का दयाल सिंह कॉलेज:शिक्षक और प्राचार्य आमने-सामने

दयाल सिंह कॉलेज में शिक्षक और प्राचार्य एक बार फिर आमने सामने आ गए हैं। सेमेस्टर के मुताबिक नहीं पढ़ाने पर प्राचार्य ने दो शिक्षकों की सैलरी रोक दी है । स्टाफ एसोसिएशन इसे गलत ठहरा रहा है। उसका कहना है कि प्राचार्य कॉलेज में अवैध निर्माण के आरोप से घिरे हुए हैं। इस बारे में सवाल उठाने पर शिक्षकों को प्रताड़ित कर रहे हैं।

कॉलेज प्रशासन ने सितम्बर माह की सैलरी दो शिक्षकों की इसलिए रोक दी क्योंकि वे सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाने को लेकर अंडरटेकिंग नहीं दे रहे थे। प्राचार्य आईएस बख्शी ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से अंडरटेकिंग लेने के लिए कहा गया था। नहीं देने वाले शिक्षकों की सैलरी और भत्ते रोकने का निर्देश दिया गया था। कॉलेज में बॉटनी विभाग के शिक्षक सदाशिव और बीबी जैन की सैलरी इसीलिए रोक दी गई। उन्होंने बताया कि ५२ शिक्षकों ने अंडरटेकिंग दे दी थी। दो का नहीं हो पाया था। इनमें सदाशिव और जैन हैं। जैन अंडरटेकिंग भरने के लिए तैयार हो गए हैं। इसलिए उनकी सैलरी जारी की जा रही है। सदाशिव ऐसा नहीं कर रहे हैं। उधर एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि सदाशिव ने इसलिए अंडरटेकिंग नहीं दी क्योंकि वे उसी टाइम टेबल से पढ़ा रहे हैं जो इससे जुड़ी कमेटी के कंवेनर ने दिया है। इस टाइम टेबल पर प्राचार्य के भी हस्ताक्षर हैं। कॉलेज शिक्षक अजय भागी ने बताया कि शिक्षक की सैलरी रोककर प्राचार्य ने गलत किया है। किसी भी शिक्षक की सैलरी इस नाम पर नहीं रोकी गई है।

उधर स्टॉफ एसोसिएशन ने प्राचार्य को कॉलेज में साइंस ब्लॉक के निर्माण पर भी प्राचार्य को कटघरे में खड़ा कर रखा है। आरोप है कि नगर निगम से भवन का नक्शा पास कराए बिना प्राचार्य ने निर्माण कार्य को शुरू करवाया। इस बारे में जिन लोगों ने आवाज उठाई है प्राचार्य उसे अपने निशाने पर ले रहे हैं। सदाशिव इनमें एक हैं। डा बख्शी ने इस आरोप को गलत ठहराते हुए कहा कि निर्माण का कार्य निगम की आवश्यक प्रक्रिया को अनुसरण करके किया जा रहा है। साइंस ब्लॉक का निर्माण छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया है। इसलिए निगम ने इसमें सहयोग देने की बात कही है(अनुपम कुमार,नई दुनिया,दिल्ली,23.10.2010)।

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