प्री-नर्सरी क्लास में दाखिले के लिए बच्चों की न्यूनतम आयु तय करने का विवाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। शुक्रवार को इस संबंध में दाखिल याचिका पर जस्टिस महेश ग्रोवर ने चंडीगढ़ प्रशासन व प्राइवेट स्कूलों को 8 फरवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जिन स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है उनमें कार्मल कॉन्वेंट, सेक्रेड हार्ट, सेंट जोन्स, स्ट्राबेरी फील्ड्स वल्र्ड स्कूल और सेंट एनी स्कूल शामिल हैं। अदालत ने इन सभी स्कूलों को तीन साल या इससे अधिक आयु के बच्चों का प्री-नर्सरी में दाखिले के लिए फिलहाल फॉर्म लेने के निर्देश दिए हैं।
इनाक्षी पंत व 16 अन्य बच्चों का हवाला देते हुए उनके अभिभावकों की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया कि चंडीगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने प्री-नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में दाखिले के लिए तय मानदंडों में समय-समय पर बदलाव किया है। 14 जनवरी को चंडीगढ़ प्रशासन ने डीईओ के हवाले से पत्र जारी कर कहा कि प्री-नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की कम से कम आयु तीन साल है।
18 जनवरी को इस आदेश में बदलाव कर कहा गया कि प्री-नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र चार साल या इससे अधिक हो। याचिका में मांग की गई कि तीन साल या इससे अधिक उम्र के बच्चे को प्री-नर्सरी में दाखिला दिया जाना चाहिए। ऐसे में दूसरे आदेश को खारिज किया जाए। याचिका पर जस्टिस महेश ग्रोवर ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि सुनवाई के समय कोई जिम्मेदार अधिकारी अदालत में हाजिर रहे(दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,5.2.11)।
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