होम्योपैथी कॉलेजों में अब उपस्थिति पर मनमानी नहीं चलेगी। सुप्रीम कोर्ट व सेंट्रल कौंसिल ऑफ होम्योपैथी ने सभी कॉलेजों को 75 प्रतिशत उपस्थिति होने पर ही परीक्षा में बिठाने के निर्देश दिए हैं। इस नए आदेश से राजस्थान विद्यापीठ के होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है। वर्तमान में कॉलेज में आधे से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति पूरी नहीं है, जहां एक ओर विद्यापीठ प्रशासन पर सभी को परीक्षा में बैठाने का दबाव बन रहा है, वहीं प्रशासन भी कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है।
सेंट्रल कौंसिल ऑफ होम्योपैथी डिग्री कोर्स बीएचएमएस अघिनियम में परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है। फिर भी कई कॉलेज इस नियम की पालना नहीं कर रहे थे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए नियम की कड़ाई से पालना के निर्देश दिए हैं।
विद्यापीठ प्रशासन में खींचतान
उपस्थिति के बारे में निर्देश मिलते ही जब विद्यार्थियों की सूची तैयार की गई तो प्रशासन भी सकते में आ गया। कॉलेज में वर्तमान में करीब 210 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से केवल 32 विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत है। कई विद्यार्थियों की उपस्थिति शून्य तक है। कॉलेज की ओर से सभी की सूची विश्वविद्यालय कार्यालय को सौंप दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन भी असमंजस में है कि इतने विद्यार्थियों को अगर परीक्षा में नहीं बिठाया गया तो भारी विरोध झेलना पड़ेगा।
नियमों की पूरी पालना होगी। हमने विद्यार्थियों व कॉलेज प्रशासन के साथ बैठक कर कहा कि है कि अगर तीन महीनों तक अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर अगर उपस्थिति पूरी करने को तैयार हों तो विश्वविद्यालय एक मौका दे सकता है- प्रो. विजयसिंह पंवार, रजिस्ट्रार, राजस्थान विद्यापीठ(राजस्थान पत्रिका,उदयपुर,10.3.11)
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